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कॉल पर पति ने सुनी थीं चीखें....अफेयर में रोड़ा बनी पत्नी का कत्ल, गर्लफ्रेंड थी मास्टरमाइंड, 8 साल बाद मिली सजा

कानपुर कोर्ट ने 8 साल पहले हुए हाईप्रोफाइल ज्योति हत्याकांड मामले में 6 आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामले में ज्योति के पति पीयूष, उसकी गर्लफ्रेंड मनीषा समेत चार अन्य लोगों को दोषी ठहराया गया. 27 जुलाई 2014 को ज्योति की बेहरमी से हत्या करके शव को फेंक दिया गया था. चलिए जानते हैं ज्योति मर्डर केस की दिल दहला देने वाली कहानी...

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8 साल बाद आया ज्योति मर्डर केस में फैसला.
8 साल बाद आया ज्योति मर्डर केस में फैसला.

वो कहते हैं ना कि प्यार अंधा होता है. प्यार के लिए बड़ी-बड़ी जंग तक हो चुकी हैं. प्यार के लिए न जाने कितनों ने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी. उसी तर्ज पर चलते हुए कानपुर में एक लड़की ने अपने शादीशुदा प्रेमी को पाने के चक्कर में ऐसा मर्डर करवाया था कि एक दो नहीं, पूरे के पूरे 7 परिवारों की दुनिया बर्बाद हो गई. कानपुर के ज्योति हत्याकांड की यही हकीकत है. इस मामले में शुक्रवार को 8 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है. मामले में 6 आरोपियों को दोषी करार देते हए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. चलिए जानते हैं कि क्या था हाईप्रोफाइल ज्योति हत्याकांड मामला...

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8 साल पहले 27 जुलाई 2014 को ज्योति नामक युवती की स्वरूप नगर इलाके में कार से अपहरण करके हत्या की गई थी. हत्या करके ज्योति की बॉडी पनकी रोड में उसी कार में छोड़ दी गई थी. इस हत्या में पुलिस ने ज्योति के पति पीयूष शिवदानी और उसकी प्रेमिका मनीषा मखीजा के साथ चार हत्यारोपियों अवधेश, सोनू, रेनू कनौजिया और आशीष को गिरफ्तार किया था. सभी को शुक्रवार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई. लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि पुलिस ने जांच में पाया गया था कि ज्योति की हत्या की पूरी कहानी फिल्मी स्टाइल में रची गई थी और जिसकी पूरी सूत्रधार मनीषा मखीजा ही थी.

मनीषा के पिताजी पान मसाले के बड़े कारोबारी हैं. जबकि पीयूष के पिता बिस्कुट के बड़े कारोबारी. इन दोनों के घर काकादेव इलाके में अगल-बगल में ही हैं. दोनों के बीच अफेयर शुरू हुआ. लेकिन परिवार ने जबलपुर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले शंकरलाल नागदेव की बेटी ज्योति से पीयूष की शादी करवा दी. ज्योति पीयूष के परिवारवालों को बहुत पसंद थी.

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ज्योति को पसंद करते थे ससुराल वाले
ज्योति का घर में इतना मान सम्मान था कि देवर मुकेश शुक्रवार को भी कोर्ट के बाहर यही कहता रहा कि मेरी भाभी सबसे अच्छी थी. हमारे घर में माता-पिता सबसे ज्यादा ज्योति भाभी को ही प्यार करते थे. भाभी की मौत का सदमा पिता ओमप्रकाश बर्दाश्त नहीं कर पाए थे. इसलिए उनकी भी मौत हो गई थी.

पीयूष ने मनीषा के साथ मिलकर बनाया मर्डर का प्लान
बताया जाता है कि पीयूष की शादी ज्योति के साथ होने से गर्लफ्रेंड मनीषा काफी गुस्सा हो गई थी. लेकिन कुछ दिन बीत जाने के बाद दोनों के बीच फिर से अफेयर शुरू हो गया. इसी दौरान एक दिन ज्योति ने पति पीयूष के फोन पर मनीषा की कॉल अटेंड कर ली, जिसके बाद मनीषा ने पीयूष को कहा कि ज्योति को वह बर्दाश्त नहीं कर सकती. इसलिए दोनों ने मिलकर ज्योति को मारने का प्लान बनाया.

ड्राइवर को दी ज्योति के मर्डर की सुपारी
मनीषा का ड्राइवर अवधेश भी वहीं काकादेव इलाके में रहता था. वह थोड़ा दबंग किस्म का थी. मनीषा ने उसे इस काम की सुपारी दी. पैसे की कमी के चलते अवधेश भी ज्योति की हत्या करने के लिए राजी हो गया. मनीषा ने उसे ये भी कहा था कि सुपारी के साथ-साथ ज्योति ने जो भी गहने पहने होंगे, उन्हें भी तुम ही रख लेना. साथ ही ज्योति ने उसे वादा किया कि वह उसे फंसने नहीं देगी. कुछ भी होगा तो वो उसे बचा लेगी.

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अवधेश के 3 अन्य लोग भी प्लान में शामिल 
इसके बाद अवधेश ने अपने दोस्त सोनू, रेनू कनौजिया और आशीष को इस हत्या के लिए अपने साथ शामिल कर लिया. फिर ज्योति के मर्डर का प्लान तैयार किया गया. प्लान के मुताबिक, पीयूष बहाने से ज्योति को रेस्टोरेंट लेकर गया. फिर वहीं से जब ज्योति और पीयूष कार से निकले तो तयशुदा प्लान के तहत चारों लोगों ने ज्योति का अपहरण किया और पीयूष को वहीं उतार दिया. फिर कार में ही उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार करके मार डाला. उसके बाद जेवर लेकर शव को कल्याणपुर जाने वाले रोड पर फेंक दिया. यह सब पीयूष की आंखों के सामने हुआ और वह खामोश खड़ा देखता रहा. आरोपियों ने ज्योति पर 17 बार चाकुओं से वार किया था, जिनमें से 6 बार तो उसके पेट पर ही चाकू मारा गया था.

पुलिस को मिला पहला सबूत
बाद में पीयूष ने घर वालों को फोन किया और बताया कि कुछ लुटेरों ने ज्योति का अपहरण कर लिया है. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते पुलिस ने संजीदगी से जांच शुरू की. उस समय के आईजी रहे आशुतोष पांडे ने इसके लिए कई टीमें बनाई थीं. पुलिस टीम को जांच में एक बड़ा सबूत यह मिला था पीयूष जब ज्योति के साथ था तो वह दूसरी टीशर्ट में था. यह सब होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखा. जबकि, पुलिस के पास जब वह पहुंचा तो उसने दूसरी कमीज पहनी थी.

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पीयूष की गर्लफ्रेंड मनीषा गिरफ्तार
29 जुलाई 2014 को पुलिस ने मनीषा को उसके घर से गिरफ्तार किया तो पूरा मामला खुलता चला गया. इसके बाद मनीषा और पीयूष दोनों ने अपने प्रेम संबंधों को स्वीकार किया. पुलिस ने अपनी चार्ज शीट में भी मनीषा और पीयूष के प्रेम संबंधों का जिक्र करते हुए ज्योति की हत्या का मूल कारण बताया. इसके बाद पुलिस ने अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को भी गिरफ्तार कर लिया.

अवधेश ने किये कई खुलासे
अवधेश ने पुलिस को बताया कि उसने ज्योति को मारने के समय उसने पीयूष को फोन करके उसकी चीखें भी सुनाई थीं. क्योंकि मनीषा ने ही पीयूष को कहा था, वह ज्योति की चीखें सुने और उसे बताए कि वह कैसे चीखी थी. साथ ही उसने ये भी बताया कि जब ज्योति का अपहरण किया जा रहा था तो वह समझ गई थी कि ये सब पति पीयूष ही करवा रहा है. किडनैपिंग के वक्त उसने कहा था कि पीयूष तुम ठीक नहीं कर रहे हो. इस पर पीयूष ने मुस्कुराते हुए गर्दन घुमा ली थी. फिर अवधेश की निशानदेही पर ही पुलिस ने पनकी नहर के पास से वह चाकू भी बरामद कर लिया था जिससे ज्योति की हत्या हुई थी.

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21 अक्टूबर का 6 आरोपी दोषी करार
तभी से ये 6 लोग जेल में बंद थे. लेकिन 23 जून 2015 को मनीषा की जमानत हो गई थी. तब से ये बाहर ही थी. फिर इसके बाद पीयूष को भी 6 साल बाद जमानत मिल गई. बाकी चारों आरोपी तब से जेल में ही थे. शुक्रवार यानी 21 अक्टूबर 2022 में अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है. इस मामले में 6 आरोपियों को दोषी करार देते हए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

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