लखीमपुर खीरी तिकुनिया कांड (Lakhimpur Kheri Incident) में मारे गए किसानों का अंतिम संस्कार अबतक नहीं हुआ है. अब चारों किसानों के परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए हैं और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है. परिजनों का कहना है कि उनको शक है कि किसानों की मौत गोली मारे जाने से हुई.
ताजा जानकारी के मुताबिक, मृतक गुरविंदर को छोड़कर बाकी तीन का अंतिम संस्कार तय वक्त पर हो सकता है. मृतक गुरविंदर का पांच डॉक्टर्स की टीम से पोस्टमार्टम कराने की मांग की जा रही है.
बता दें कि चारों किसानों का जो पोस्टमार्टम किया गया था, उसमें यह बात सामने आई थी कि किसानों को गोली नहीं लगी थी. बल्कि उनकी मौत घिसटने की वजह से हुई थी. बता दें कि पहले यह दावा भी किया जा चुका है और कुछ वीडियोज भी सामने आए हैं जिनमें दिख रहा है कि किसानों को टक्कर मारते हुए एक कार गुजरी थी.
बहराइच के थे दो किसान
अभी बहराइच और लखीमपुर के चारों किसानों के परिवार वालों ने शव अपने अपने घरों में रखे हुए हैं. सभी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग की है. बहराइच के नानपारा के रहने वाले 35 वर्षीय दलजीत सिंह के परिवार वालों को शक है की गोली लगने से उनकी मौत हुई.
बहराइच स्थित नबी नगर मोहरनिया गांव में मृत किसानों के परिजन नाराज हैं. उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है. अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे सरदार गुरनाम सिंह के मुताबिक, रिपोर्ट में गोली लगने की बात नहीं दिखाई गई. इसलिए मृतक गुरविंदर व दलजीत का अंतिम संस्कार अभी नहीं होगा.
पूरे मसले पर किसान नेता राकेश टिकैत का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि तीन मृतक किसानों के घरवालों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है. फिलहाल उनको देखा जा रहा है. वहीं मृतक गुरविंदर के परिवार को शक है कि गोली लगने से उनकी जान गई.
कल हुआ था समझौता
किसानों के परिजनों और प्रशासन के बीच सोमवार को समझौता हुआ था. इसमें मृतक किसानों के परिवार को 45-45 लाख रुपये, एक-एक शख्स को सरकारी नौकरी और मामले की न्यायिक जांच की मांग कही गई थी. इसके अलावा घायलों को 10-10 लाख देने की बात कही थी.