उत्तर प्रदेश की बरेली लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में मतदान संपत्र हो गया. इस दौरान यहां पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे. इस सीट पर लगभग 60.60 प्रतिशत मतदान हुआ. हालांकि उत्तर प्रदेश में भी 61.35 फीसदी मतदान हुआ. लोकसभा चुनाव 2014 में इस सीट पर 60.81 फीसदी मतदान हुआ था. इस सीट पर 16 कैंडिडेट मैदान में हैं. अब लोगों को 23 मई का इंतजार है.
लोकसभा चुनाव अपडेट्स
- बरेली लोकसभा सीट पर मतदाताओं का खासा उत्साह दिखा और यहां शाम 6 बजे तक 61.49 फीसदी मतदान हुआ. दूसरी ओर तीसरे चरण में 117 संसदीय सीटों पर 61.31 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश में 10 संसदीय सीटों पर औसतन 60.52 फीसदी मतदान हुआ. 5 बजे तक हुई पश्चिम बंगाल में 78.94 फीसदी वोटिंग हुई. यह अंतिम आंकड़ा नहीं है और इसमें बदलाव हो सकता है. 4 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेशों में 70 फीसदी से ज्यादा वोट पड़े.
- 3 बजे तक बरेली में 46.22 फीसदी मतदान हो चुका है. वहीं देश में तीसरे चरण में कराए जा रहे मतदान में 117 संसदीय सीटों पर अब तक 51.15 फीसदी मतदान हो चुका है. उत्तर प्रदेश में मतदान पर नजर डाली जाए तो यहां पर प्रदेश के 10 संसदीय सीटों पर 3 बजे तक 46.99 फीसदी मतदान हो चुका है. इस समय तक सबसे ज्यादा मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ जहां 67.52 फीसदी वोटिंग हुई.
Estimated voter turnout till now for the 3rd phase of the #LokSabhaElections2019 is 51.15%. Voting for 116 parliamentary constituencies across 13 states and 2 union territories is being held today. pic.twitter.com/mV9g0JmSq1
— ANI (@ANI) April 23, 2019
- दोपहर 1 बजे तक बरेली में 29.23 फीसदी मतदान हो चुका है.वहीं देश में तीसरे चरण में कराए जा रहे मतदान में 117 संसदीय सीटों पर अब तक 37.89 फीसदी मतदान हो चुका है.
1 बजे तक राज्यों में हुए मतदान का प्रतिशत
हे मतदान में 117 संसदीय सीटों पर अब तक 37.89 फीसदी मतदान हो चुका है.
-सुबह 11 बजे तक बरेली में 23.20 फीसदी मतदान हो चुका है. तीसरे चरण के तहत आज मंगलवार को 10 संसदीय क्षेत्रों में अब तक 22.64% मतदान हो चुका है.
-सुबह 9 बजे तक बरेली में 10.60 फीसदी मतदान हो चुका है.
16 में से 7 बार बीजेपी जीती
हिंदी सिनेमा के कई गानों में बरेली शहर का नाम आने से मशहूर हुए इस शहर का राजनीतिक तानाबाना दिलचस्प रहा है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में बरेली लोकसभा सीट की राजनीतिक अहमियत काफी अहम है. पिछले तीन दशक से इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एकछत्र राज रहा है. संतोष कुमार गंगवार कई बार इस सीट पर चुनाव जीत चुके हैं और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री भी रहे. बरेली में संतोष कुमार गंगवार का राजनीतिक दबदबा रहा है.
बरेली लोकसभा सीट पर एक बार संतोष कुमार गंगवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. बीजेपी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है, उनके सामने कांग्रेस के प्रवीण सिंह तथा समाजवादी पार्टी के भगवत शरण गंगवार चुनाव मैदान में हैं. 5 निर्दलीय उम्मीदवारों के अलावा 8 अन्य दलों के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. बरेली से कुल 16 उम्मीदवार मैदान में हैं.
2019 से पहले बरेली लोकसभा सीट पर अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, इनमें से 7 बार भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मारी जिसमें से उसने 6 बार लगातार जीत दर्ज की थी. 1952 और 1957 के चुनाव में कांग्रेस को तो 1962 और 1967 के चुनाव में भारतीय जनसंघ को बड़ी जीत मिली. उसके बाद हुए तीन चुनाव में से कांग्रेस दो बार चुनाव जीतने में कामयाब रही.
1989 के चुनाव में बीजेपी की ओर से संतोष कुमार गंगवार ने पहली जीत हासिल की और इसके बाद उन्होंने इसे अपना गढ़ बना लिया. 1989 से लेकर 2004 तक लगातार 6 बार उन्होंने यहां से चुनाव जीता. हालांकि 2009 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2014 में एक बार फिर वह बड़े अंतर से जीत कर लौटे और केंद्र में मंत्री बने.
दलित और मुस्लिम वोटरों का वर्चस्व
बरेली लोकसभा सीट पर वैश्य, दलित और मुस्लिम वोटरों का वर्चस्व रहा है. 2014 लोकसभा चुनाव में 16 लाख से अधिक मतदाता थे जिसमें 9 लाख पुरुष और 7.5 लाख महिला मतदाता शामिल थे. बरेली जिले में मुस्लिम जनसंख्या की तादाद भी बड़ी संख्या में है.
बरेली लोकसभा क्षेत्र में 5 विधानसभा सीटें मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, बरेली और बरेली छावनी आती हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में इन सभी 5 सीटों पर बीजेपी का ही कब्जा रहा था.
2014 के लोकसभा चुनाव में पूरे उत्तर प्रदेश में चले मोदी लहर का फायदा उठाते हुए बीजेपी के संतोष कुमार गंगवार ने बाजी मार ली. उन्हें इस सीट पर 50 फीसदी से अधिक वोट प्राप्त हुआ जबकि दूसरे नंबर पर रहे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को महज 27 फीसदी वोट मिले. 2014 के चुनाव में यहां कुल 61 फीसदी मतदान हुआ था.
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