प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी की नींव रखी. लखनऊ में बनने वाली यह यूनिवर्सिटी कई मायनों में खास होगी. यह उत्तर प्रदेश की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी होगी और इसका स्वरूप राष्ट्रीय फूल 'कमल' के आकार में होगा. यूनिवर्सिटी की 65 फीसदी एनर्जी सोलर पावर से होगी. यूनिवर्सिटी में ऑडिटोरियम, एमपी थिएटर, लाइब्रेरी और प्ले ग्राउंड भी होगा.
सरकार द्वारा जारी बुकलेट में इस बात का जिक्र है कि ये यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय फूल 'कमल' की आकृति में विकसित किया जा रहा है. यूनिवर्सिटी के अंदर यूपी के 40 मेडिकल कॉलेज, 17 डेंटल कॉलेज, 299 नर्सिंग कॉलेज, 6210 मेडिकल स्टूडेंट्स, 2016 डेंटल स्टूडेंट्स, 12544 पैरा मेडिकल और नर्सिंग स्टूडेंट्स इनरोल किए जाएंगे.
लाइब्रेरी में होगी 2 लाख किताबें
यूनिवर्सिटी के अंदर 1500 कैपेसिटी का एक ऑडिटोरियम होगा. साथ ही एक एमपी थिएटर भी बनाया जाएगा, जिसकी कैपेसिटी एक हजार होगी. इसके अलावा एक लाइब्रेरी होगी, जिसमें करीब 2 लाख किताबें होंगी. वहीं, कैंपस में 744 sq मीटर का प्ले ग्राउंड भी होगा.
अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती
बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी की आज 95वीं जयंती है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ में लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी के स्टैच्यू का अनावरण किया. वहीं, बुधवार सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी समेत कई दिग्गजों ने सदैव अटल स्मारक पहुंच पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी.