लखनऊ में समाजवादी छात्र सभा के द्वारा प्रदर्शन के दौरान लड़कों वाले गेटअप वाली एक महिला का पुलिस से झड़प के दौरान आपत्तिजनक फोटो वायरल हुआ है. जिसके बाद महिला ने वीडियो जारी कर कहा है कि उनके गेटअप की वजह से कंफ्यूजन हुआ था. इस घटना में पुलिस की कोई गलती नहीं है.
बता दें कि लखनऊ में समाजवादी छात्रों के द्वारा प्रोटेस्ट के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ एक पुलिसकर्मी का फोटो वायरल हो गया था. फोटो में प्रदर्शनकारी महिला को प्रदर्शन के दौरान हटाने के लिए पुलिसकर्मी महिला के साथ जोर जबरदस्ती करता नजर आ रहा है. यह फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गई.
सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद आनन-फानन में पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया. हालांकि देर शाम महिला ने अपना वीडियो जारी कर यह कहा कि उसके गेटअप की वजह से पुलिस वालों को कंफ्यूजन हो गया था और मुझको लड़का समझ कर प्रदर्शन में हटाने के दौरान आपत्तिजनक स्थिति का फोटो वायरल हो गया. उसने कहा है कि यह त्रुटिवश हुआ है जिससे उस महिला को कोई आपत्ति नहीं है.
जानकारी के मुताबिक लखनऊ में गुरुवार को पीएम मोदी के जन्मदिवस पर अलग-अलग जगह प्रदर्शन हुआ. इस दौरान समाजवादी छात्र सभा के छात्र-छात्राओं ने बेरोजगारी पर प्रदर्शन किया. लखनऊ यूनिवर्सिटी पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जब पुलिस ने हटाने के लिए बल का प्रयोग किया तो इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को एक पुलिस वाले ने लड़का समझकर जबरन हटाने की कोशिश की.
इस घटना का फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ और लोगों ने पुलिस की आलोचना की. हालांकि देर शाम प्रदर्शनकारी महिला ने खुद अपना वीडियो जारी कर यह बताया कि पुलिसकर्मी से उनके साथ घटना इस वजह से हुई क्योंकि वह लड़कों की तरह दिखती हैं. इसी वजह से कंफ्यूजन हो गया. इसलिए गलती से प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक स्थिति बनी. इसमें पुलिस वालों को कोई दोष नहीं है.