लखनऊ के मोहनलालगंज में दरिंदगी की शिकार हुई युवती की लाश को शुक्रवार की देर रात पुलिस की मौजूदगी में लखनऊ के भैसाकुंड में अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस दौरान मृतका के दो बच्चों और उसके पिता के अलावा कई अन्य रिश्तेदार भी मौजूद रहे.
पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है. सामूहिक बलात्कार के बाद जिस तरह दरिंदों ने उसकी निर्ममता से हत्या की और उसके बाद में अपनी फजीहत से बचने से लिए जिस तरह युवती की लाश को रातोंरात जला दिया गया, उससे कई सवाल खड़े होते हैं. सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह थी, कौन-सी ऐसी बात थी कि रात को बारह बजे अंतिम क्रिया की रस्म अदायगी की गई. फिलहाल गैंगरेप के बाद युवती की बेरहमी से हत्या किया जाना और पुलिस की लापरवाही का उजागर होना, कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने का दावा करने वालों के मुंह पर तमाचे जैसा है.
मृतका के पिता कमलेश मिश्रा ने बताया कि घटना के दो दिन पहले जब बेटी से उनकी बात हुई थी, तो सब कुछ एकदम सामान्य था. बाद में वारदात सामने आई.