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लखनऊ HC का निर्देश, पंचायत सदस्यों को नॉमिनेशन कराने में दें सुरक्षा

प्रतापगढ़ से क्षेत्र पंचायत सदस्य अखिलेश सिंह ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका दाखिल की थी. जिसमें उन्होंने प्रशासन पर ब्लॉक प्रमुख चुनाव में परेशान कर उन्हें नामांकन ना करने देने का आरोप लगाया था. 

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पुलिस पर सख्त लखनऊ हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
पुलिस पर सख्त लखनऊ हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • HC ने पुलिस को दी हिदायत
  • नॉमिनेशन कराने में सुरक्षा उपलब्ध कराएं
  • क्षेत्र पंचायत सदस्य के नॉमिनेशन नहीं करने देने के आरोप

लखनऊ, ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है. कोर्ट ने आयोग और पुलिस को हिदायत दी है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य को तय समय के भीतर नॉमिनेशन कराने की सारी सुरक्षा और सुविधा उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही सदस्य को नॉमिनेशन से चुनाव संपन्न होने तक पूरी सुरक्षा देने की बात भी कही गई है. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख रखी है. 

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प्रतापगढ़ से क्षेत्र पंचायत सदस्य अखिलेश सिंह ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका दाखिल की थी. जिसमें उन्होंने प्रशासन पर ब्लॉक प्रमुख चुनाव में परेशान कर उसे नामांकन ना करने देने का आरोप लगाया था. 

और पढ़ें- CAA विरोधियों की फोटो हटाने वाले HC का आदेश संविधान की जीत: अखिलेश

जानकारी के मुताबिक जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय व जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम की बेंच ने प्रतापगढ़ क्षेत्र पंचायत सदस्य अखिलेश सिंह की ओर से दाखिल एक रिट याचिका पर यह आदेश दिया है. इस रिट याचिका में आरोप था कि उसे व उसके परिवार को मंत्री के दबाव पर स्थानीय पुलिस प्रशासन परेशान कर रहा है. यहां तक कि उसे नॉमिनेशन भी नहीं भरने दिया जा रहा है.

हालांकि कोर्ट में आईपीएस लेवल के अधिकारी ने बताया कि याची की मोबाइल लोकेशन उनके घर के आस-पास ही मिली है. उन्हें परेशान नहीं किया जा रहा था. याचिकाकर्ता ने पुलिस की सफाई को झूठा करार दिया. कोर्ट ने अगली सुनवाई 25 अगस्त को रखते हुए सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. 

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