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मुख्तार अंसारी की दो मंजिला बिल्डिंग को योगी सरकार ने किया जमींदोज

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे उमर और अब्बास की बिल्डिंग लखनऊ प्रशासन और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) ने गुरुवार सुबह फोर्स के साथ गिरा दिया.

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मुख्तार अंसारी की बिल्डिंग को किया गया जमींदोज
मुख्तार अंसारी की बिल्डिंग को किया गया जमींदोज
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जियामऊ इलाके में बनी बिल्डिंग जमींदोज
  • एलडीए और लखनऊ पुलिस ने की कार्रवाई
  • एलडीए में चल रहा था मुकदमा

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे उमर और अब्बास की बिल्डिंग लखनऊ प्रशासन और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) ने गुरुवार सुबह फोर्स के साथ गिरा दिया. लखनऊ प्रशासन के साथ पुलिस प्रशासन के करीब 200 कर्मियों ने दो मंजिला बनी बिल्डिंग को गिरा दिया है.

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जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के जियामऊ इलाके में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे उमर और अब्बास की दो मंजिला बिल्डिंग बनी हुई थी. आरोप है कि यह बिल्डिंग तकरीबन 8000 स्क्वॉयर फुट में अवैध तरीके से बना ली गई थी. एलडीए वीसी शिवाकांत ओझा का कहना है कि ये शत्रु/निष्करांत संपत्ति थी और जिसका मुकदमा एलडीए में चल रहा था.

एलडीए ने बिल्डिंग गिराने से पहले नोटिस भेजा था और स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन किसी प्रकार का स्पष्टीकरण नहीं दिया.  उसके बाद आज एलडीए की ज्वॉइंट सेक्रेट्री ऋतु सुहास और सचिव मंगला प्रसाद, एडीसीपी हजरतगंज तकरीबन 200 पुलिसकर्मियों के साथ तड़के बिल्डिंग गिराने पहुंचे. 

इस दौरान लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी ने पूरी बिल्डिंग को जमींदोज कर दिया. इस दौरान एलडीए, पुलिस प्रशासन समेत 200 से अधिक पुलिसकर्मी और 20 से अधिक जेसीबी मौजूद थी, जिसके बाद यह कार्यवाही की जा सकी. योगी सरकार के मुताबिक, जितने दिनों से यह बिल्डिंग बनी थी, उसका न सिर्फ किराया वसूला जाएगा, बल्कि इसे ढहाने में लगे खर्च को भी वसूला जाएगा.    

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कहा जाता है कि 1956 के पहले जो परिवार इस संपत्ति को कानूनी तरीके से छोड़कर पाकिस्तान चला गया था, उसी संपत्ति को हड़पसर मुख्तार अंसारी के परिवार ने इस पर बिल्डिंग खड़ी की थी. इस बिल्डिंग का नक्शा भी पास नहीं था, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से इसे बनाया गया था. अब सरकार उन अधिकारियों को ढूंढ कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.

 

 

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