उत्तर प्रदेश की निवर्तमान बीजेपी सरकार की कैबिनेट मंत्री रहीं स्वाति सिंह ने अपने पति और नवनिर्वाचित बीजेपी विधायक दयाशंकर सिंह से तलाक की अर्जी डाली है. इस अर्जी में स्वाति सिंह ने घरेलू हिंसा और पति की क्रूरता को तलाक का एक बड़ा कारण बताया था. फिलहाल स्वाति सिंह की इस अर्जी पर 5 मई को लखनऊ पारिवारिक न्यायालय में सुनवाई होनी है.
90 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति कर रहे दयाशंकर सिंह के लिए कभी स्वाति सिंह प्रचार किया करती थीं, लेकिन पत्नी के बनने के बाद स्वाति सिंह अब अपने पति दयाशंकर सिंह से तलाक लेना चाहती हैं. दोनों के बीच रिश्ते में तल्खी तो शादी के कुछ साल बाद से ही आने लगी थी, लेकिन 2012 में मामला बढ़ गया था.
2012 में स्वाति सिंह लखनऊ की फैमिली कोर्ट में दयाशंकर सिंह से तलाक की अर्जी डाली थी. पारिवारिक न्यायालय में डाली गई स्वाति सिंह की तरफ से तलाक की अर्जी में आरोप लगाया गया कि दयाशंकर सिंह उनके साथ मारपीट करते हैं. स्वाति सिंह ने खुद को घरेलू हिंसा का शिकार बताया था.
मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट में दाखिल की गई अर्जी में स्वाति सिंह ने आरोप लगाया कि दयाशंकर सिंह एक अमानवीय व्यवहार वाले व्यक्ति हैं आए दिन मारपीट करते हैं. 2022 के चुनावों के दौरान भी स्वाति सिंह के नाम पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें बातचीत के दौरान कह रही थी कि वह भी अपने पति से परेशान हैं, कोई भी बात करने पर मारपीट करते हैं.
खैर 2012 में दाखिल की गई अर्जी पर स्वाति सिंह अदालत पर तारीख पर नहीं पहुंची तो 2018 में अदालत ने इस केस को बंद कर दिया. चूंकि मामला 3 साल पुराना हो चुका था, लिहाजा कोर्ट ने भी स्वाति सिंह के तलाक की फाइल को रिकॉर्ड रूम में दाखिल कर दिया था.
अब जब स्वाति सिंह अचानक सोमवार को केस दोबारा शुरू करने की अर्जी के साथ कोर्ट में पेश हुई तो अब रिकॉर्ड रूम से फ़ाइल को निकाला जा रहा है और जिसको देखने के बाद ही फैमिली कोर्ट स्वाति सिंह के केस को दोबारा शुरू करने की अर्जी पर अपना फैसला सुनाएगी.