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योगी राज में बिना वैकेंसी आए दुर्गेश चौधरी 'बन गए लेखपाल', ट्रोल होने पर निकल लिए नेपाल

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से शेयर किए वीडियो में दावा किया गया था कि दुर्गेश चौधरी नाम के एक शख्स को लेखपाल की नौकरी मिली है. जब इसकी सच्चाई सामने आई तो दुर्गेश चौधरी ट्रोल होने लगे.

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दुर्गेश चौधरी (फाइल फोटो)
दुर्गेश चौधरी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दुर्गेश चौधरी का वीडियो हुआ था वायरल
  • CM योगी के दफ्तर ने किया था ट्वीट
  • विवाद होने के बाद ट्वीट हटाया गया

युवाओं को लाखों सरकारी नौकरी का दावा देने करने वाले कुछ वीडियोज पिछले कुछ दिनों से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से शेयर किए जा रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो 10 मार्च को शेयर किया गया था. वीडियो में दावा किया गया था कि दुर्गेश चौधरी नाम के एक शख्स को लेखपाल की नौकरी मिली है.

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ट्वीट होते ही लोगों ने इस दावे पर टिप्पणियां करनी शुरू कर दी थीं. और देखते ही देखते यह मामला वायरल हो गया. लोग सवाल करने लगे कि आखिरी बार लेखपालों की भर्ती साल 2015 में हुई थी, तो दुर्गेश चौधरी का चयन कब और कैसे हुआ? सोशल मीडिया पर विवाद ज्यादा बढ़ा तो वह ट्वीट ही डिलीट कर दिया गया.

जानकारी के मुताबिक लेखपाल भर्ती परीक्षा के समयबद्ध परिणाम व पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वीडियो के माध्यम से धन्यवाद देने वाला महराजगंज का लेखपाल दुर्गेश चौधरी ट्विटर पर ट्रेंड होते ही घर छोड़ नेपाल बॉर्डर की तरफ भाग गया है.

दुर्गेश के वीडियो ने विपक्षी दलों को दे दिया मौका

दुर्गेश चौधरी के वीडियो को मुख्यमंत्री के ऑफिस की ओर से ट्वीट कर चार साल में चार लाख सरकारी नौकरी का दावा किया गया था. ट्वीट होते ही कई लोगों ने इस मुद्दे को पकड़ लिया. अखिलेश सरकार के समय के लेखपाल भर्ती का श्रेय लेने पर लोग ट्विटर पर योगी सरकार को ट्रोल करने लगे. इसके बाद ट्वीट डिलीट कर दिया गया, लेकिन विपक्षी पाटिर्यों को योगी सरकार को घेरने का एक मौका मिला गया.

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सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी इस मामले को लपक लिया. इसके बाद से ट्वीटर पर लेखपाल दुर्गेश चौधरी ट्रेंड करने लगा. उसके पास लगातार फोन आने लगे. कुछ लोग झूठा बयान देने पर दुर्गेश को आड़े हाथ लेने लगे. कुछ सांत्वना भी दे रहे थे.

 

नेपाल बॉर्डर की तरफ निकल गया दुर्गेश

ऐसे में आजतक की टीम भी दुर्गेश को ढूंढते हुए उसके घर पहुंची. इस मुद्दे पर दुर्गेश ने कहा कि जिसने ट्वीट किया उससे पूछिए. इतना कहने के बाद दुर्गेश बाइक उठाकर नेपाल बॉर्डर की तरफ निकल गया. दुर्गेश अब फोन कॉल भी रिसीव नहीं कर रहा है.

आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट के बाद सुर्खियों में आया लेखपाल दुर्गेश चौधरी यूपी के महराजगंज जिले के निचलौल तहसील क्षेत्र के भेड़िया गांव का रहने वाला है. लेखपाल भर्ती परीक्षा में चयन के बाद वह फरेंदा तहसील में तैनात हुआ था. इसके बाद वहां से ट्रांसफर के बाद मौजूदा समय में सदर तहसील क्षेत्र में कार्यरत है.

वीडियो पर लोगों ने किए सवाल

10 मार्च को दुर्गेश का एक वीडियो को सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया था. जिसमें दावा किया गया था कि सरकारी नौकरी हेतु आयोजित परीक्षाओं के समयबद्ध परिणामों एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महराजगंज को धन्यवाद ज्ञापित करते दुर्गेश चौधरी. दुर्गेश चौधरी की नियुक्ति राजस्व लेखपाल के पद पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है.

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इस ट्वीट के साथ राजस्व लेखपाल दुर्गेश चौधरी का वीडियो बाइट भी शेयर किया गया था. इसी वीडियो के आखिर में चार साल में चार लाख सरकारी नौकरी का दावा भी किया गया था. ट्वीट होते ही यह वीडियो ट्रोल होने लगा था. लोग वीडियो और ट्वीट पर सवाल उठाने लगे कि वर्ष 2015 के बाद जब लेखपाल पद की भर्ती निकली ही नहीं तो दुर्गेश चौधरी को नौकरी कैसे मिली.

इस वजह से डिलीट करना पड़ा ट्वीट

बता दें कि जब लेखपाल की भर्ती शुरू हुई थी तो उस समय प्रदेश में अखिलेश सिंह यादव की सरकार थी. 2016 में भर्ती की प्रक्रिया पूरी हुई थी. बीजेपी 2017 में प्रदेश की सत्ता में आई थी. ट्वीटर पर ट्रोल होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट को डिलीट कर दिया गया था, लेकिन तब तक यह दुर्गेश चौधरी ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे थे.

दुर्गेश ने बताया कैसे बना था वीडियो

जिसके बाद आज तक की टीम राजस्व लेखपाल दुर्गेश चौधरी के गांव निचलौल क्षेत्र के भेड़िया पहुंच गई. बात करने की कोशिश की गई तो दुर्गेश बाइक निकालकर नेपाल की तरफ भागने लगे. टीम ने दुर्गेश को रोक सवाल पूछना शुरू किया तो उन्होंने बस इतना ही जवाब दिया, "जिसने वीडियो अपलोड किया है उससे सवाल पूछिए. कुछ लोग आए थे. राजस्व लेखपाल भर्ती की प्रक्रिया व चयन को लेकर सवाल पूछे. उनके प्रश्न के मुताबिक जवाब दिया. जिसे वह कैमरे से शूट कर ले गए." इतना कहने के बाद दुर्गेश बाइक लेकर नेपाल की तरफ चले गए.

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