scorecardresearch
 

मनीष गुप्ता हत्याकांडः 'आरोपी दारोगा गोरखपुर पुलिस को ही क्यों मिले?', मीनाक्षी ने उठाए सवाल

मीनाक्षी ने कहा कि आरोपियों को ढूंढ तो एसआईटी रही थी. वह मेहनत कर रही थी लेकिन वे पकड़ में आए गोरखपुर पुलिस के. आखिर वो उनको ही क्यों मिले.

Advertisement
X
मीनाक्षी गुप्ता
मीनाक्षी गुप्ता
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मीनाक्षी गुप्ता का आरोप- आरोपियों की मदद कर रही थी गोरखपुर पुलिस
  • कहा- मेरठ या कानपुर ट्रांसफर करें केस, गोरखपुर जाना सुरक्षित नहीं

गोरखपुर में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की पुलिस की बर्बर पिटाई से मौत हो गई थी. मनीष की मौत के मामले में आरोपी थानेदार जेएन सिंह समेत दो लोग पकड़े गए हैं. जेएन सिंहब के साथ दारोगा अक्षय मिश्रा को गोरखपुर पुलिस ने पकड़कर एसआईटी के हवाले कर दिया. अब इन दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठ रहे हैं.

Advertisement

मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने गोरखपुर पुलिस को लेकर कई सवाल उठाए हैं. मीनाक्षी को दो आरोपियों के पकड़े जाने, जांच कर रही एसआईटी को सौंपे जाने की जानकारी कानपुर के कमिश्नर असीम अरुण ने खुद दी. कमिश्नर की ओर से गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी मिलने पर मीनाक्षी ने इसपर संतोष जताया लेकिन साथ ही गोरखपुर पुलिस को लेकर कई सवाल भी उठाए.

मीनाक्षी ने कहा कि आरोपियों को ढूंढ तो एसआईटी रही थी. वह मेहनत कर रही थी लेकिन वे पकड़ में आए गोरखपुर पुलिस के. आखिर वो उनको ही क्यों मिले. आज ये कैसे संभव है. मनीष गुप्ता की पत्नी ने कहा कि गोरखपुर में ही उन्होंने मेरे पति की हत्या की, गोरखपुर पुलिस ने ही उनको ढूंढ लिया यानी वे गोरखपुर में ही थे.

मीनाक्षी गुप्ता ने पुलिस पर आरोपियों की मदद करने का आरोप लगाया और कहा कि वे लोग उनकी मदद कर रहे थे. आरोपी गोरखपुर पुलिस को ही क्यों मिले. वे वहीं छिपे हुए थे और पुलिस से उनको सपोर्ट मिल रहा था. मीनाक्षी गुप्ता ने केस को मेरठ या कानपुर ट्रांसफर करने की मांग करते हुए कहा कि केस के ट्रायल के लिए गोरखपुर जाने पर मेरी सुरक्षा भी खतरे में होगी.

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement