उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर लगातार कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. गोरखपुर और लखीमपुर खीरी की घटना के बाद विपक्षी पार्टियां योगी सरकार पर हमलावर हैं. अब बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा है.
मायावती ने मंगलवार को ट्वीट कर लिखा कि यूपी में सभी वर्गों/धर्मों व खासकर दलितों के साथ आए दिन द्वेष, उत्पीड़न, बलात्कार, हत्या आदि की मानवता को शर्मसार करने वाली घटनायें साबित करती हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति अति-दयनीय है. इन घटनाओं के प्रति सरकारी लीपापोती से हालात और बिगड़ रहे हैं ऐसे में सरकार ध्यान दे.
2. जबकि इन जघन्य घटनाओं से स्पष्ट तौर पर जनता को सपा व भाजपा सरकार की कार्यशैली में कोई खास अन्तर देखने को नहीं मिल रहा है तथा कांगे्रस पार्टी के राज में तो यहाँ पीड़ितों की एफआइआर तक भी नहीं दर्ज की जाती थी। साथ ही उस दौरान मीडिया भी आज की तरह उतना सक्रिय नहीं था। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) August 18, 2020
मायावती ने लिखा कि जबकि इन जघन्य घटनाओं से स्पष्ट तौर पर जनता को सपा व भाजपा सरकार की कार्यशैली में कोई खास अन्तर देखने को नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के राज में तो यहां पीड़ितों की FIR तक भी नहीं दर्ज की जाती थी, साथ ही उस दौरान मीडिया भी आज की तरह उतना सक्रिय नहीं था.
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मायावती से पहले यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी योगी सरकार को आड़े हाथों लिया था. अजय कुमार ने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, महिलाओं को सुरक्षा देने में योगी सरकार पूरी तरह से विफल है. यहां की कानून व्यवस्था लकवाग्रस्त हो चुकी है.
आपको बता दें कि बीते दिनों में गोरखपुर, लखीमपुर खीरी समेत कई शहरों में रेप, हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं जिनसे यूपी सरकार की किरकिरी हुई है.