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मेरठः गाजियाबाद से बीटेक करने वाली अदिति सिंह का UPSC में कमाल, हासिल की ये रैंक

UPSC की परीक्षा में कमाल करने से पहले अदिति सिंह यूपीपीसीएस-2020 में भी एसडीएम के पद पर चयनित हो चुकी हैं. इसमें उन्हें 54वीं रैंक मिली थी.

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अदिति सिंह को यूपीएससी की परीक्षा में मिली 679वीं रैंक
अदिति सिंह को यूपीएससी की परीक्षा में मिली 679वीं रैंक
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिग कालेज से कंप्यूटर साइंस से बीटेक
  • अदिति सिंह का यह दूसरा प्रयास था, पहले प्रयास में नाकाम रही थीं
  • UPPSC-2020 में भी SDM के पद पर अदिति का हुआ चयन

मेरठ कलेक्ट्रेट में सीनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात महिला कर्मचारी की बेटी अदिति सिंह ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की है. 

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अदिति को यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया 679वीं रैंक मिली है. कंकरखेड़ा स्थित शिवलोकपुरी निवासी अदिति की स्कूली शिक्षा सोफिया ग‌र्ल्स स्कूल से हुई. 12वीं की परीक्षा उन्होंने वर्ष 2013 में उत्तीर्ण की और उसके बाद गाजियाबाद के अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिग कालेज से कंप्यूटर साइंस से वर्ष 2017 में बीटेक किया.

इसके बाद एक साल दिल्ली में रहकर तैयारी की और कोविड काल में घर पर तैयारी की. अदिति के अनुसार उन्होंने बेहतर रैंक की अपेक्षा की थी. उन्हें किताबें पढ़ना पसंद है. अदिति के पिता संजीव सिंह एक डॉक्टर हैं जबकि माता ज्योति सिंह कलक्ट्रेट में वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत हैं.

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UPPCS में SDM पर चयनित

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कंकरखेड़ा स्थित शिवलोक कॉलोनी निवासी अदिति सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में 679वीं रैंक हासिल करने पर बेटी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गदगद है. अदिति सिंह UPPCS-2020 में भी एसडीएम के पद पर चयनित हो चुकी हैं. इसमें उन्हें 54वीं रैंक मिली थी.

ज्योति सिंह के अनुसार बेटी अदिति ने सिविल सर्विस के लिए हर रोज 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई की. अदिति सिंह का यह दूसरा प्रयास था. 

हालांकि अदिति सिंह अपने पहले प्रयास में असफल रही थीं. अदिति के अनुसार उन्हें इससे अच्छी रैंक की उम्मीद थी, लेकिन वे हिम्मत नहीं हारेंगी और फिर मेहनत करेंगी.

अदिति सिंह की मां ज्योति सिंह का कहना है कि क्योंकि वह जिलाधिकारी कोर्ट में तैनात हैं इसलिए वह आईएएस अधिकारी बनने के लिए अपने बच्चों को मोटिवेट करती रही थीं. 

अपनी कामयाबी पर अदिति सिंह का कहना है कि वह इसका पूरा श्रेय अपने घर वालों को देती हैं. उनका बैकग्राउंड इंजीनियरिंग थी. वह कहती हैं कि उनकी मां का बहुत मोटिवेशन और सपोर्ट रहा है.


 

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