उत्तर प्रदेश की योगी सरकार रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत करने वाली है. इस योजना में महिलाओं को सीधे रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, वहीं उनके लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.
मिशन शक्ति का यह तीसरा चरण नए कलेवर में नजर आएगा. रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर शनिवार को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरूआत की जाएगी. कार्यक्रम के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल होंगी.
कार्यक्रम में सीएम निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 29.68 लाख महिलाओं के खातों 451 करोड़ रुपये सीधे तौर पर हस्तांतरित किए जाएंगे. इसके साथ ही 1.73 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा गया है.
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75 महिलाओं को किया जाएगा सम्मानित
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 1.55 लाख बेटियों के खातों 30.12 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को मिशन शक्ति के तीसरे चरण के शुभारंभ अवसर पर अपने अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 75 महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा. इसके साथ ही राज्य सरकार 59 हजार ग्राम पंचायत भवनों में मिशन शक्ति कक्ष की शुरूआत भी करेगी.
महिला बीट पुलिस अधिकारियों की होगी तैनाती
महिला बीट पुलिस अधिकारियों की तैनाती के साथ ही 84.79 करोड़ की लागत से 1286 थानों में पिंक टॉयलेट का निर्माण किया जाएगा. महिला बटालियनों के लिए 2982 पदों के लिए विशेष भर्ती की जाएगी. सभी पुलिस लाइन में बालवाड़ी क्रेच की स्थापना की जाएगी.
मिल्क प्रोडक्शन पर भी योगी सरकार का जोर
मिशन शक्ति का तीसरा चरण गई मायनों में खास होगा. बालिनी दुग्ध उत्पादक कंपनी की तर्ज पर नई कंपनियां स्थापित होंगी. सोनभद्र, चंदौली, मिर्जापुर, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और रामपुर जिलों में भी ऐसी निर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी. दिसंबर तक एक लाख नए स्वयं सहायता समूह बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है.