पूर्वांचल के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट तक चले कानूनी दांव-पेंच के बाद पंजाब से यूपी लाया गया है. पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल लाए गए मुख्तार अंसारी की गुरुवार के दिन मऊ की कोर्ट में पेशी हुई. मुख्तार ने पेशी के दौरान कोर्ट से गुहार लगाई कि उन्हें उनके वकील और परिजनों से मिलने दिया जाए.
मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से शिकायत करते हुए कहा कि उन्हें उनके परिवार वालों से मिलने नहीं दिया जा रहा है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मुख्तार को परिजनों और वकील से मिलने देने के निर्देश दिए. मुख्तार अंसारी के वकील दारोगा सिंह ने कहा कि कोर्ट ने बांदा जेल के अधीक्षक को यह निर्देश दिए कि जेल मैनुअल के मुताबिक वकील और परिवार को उनसे मिलने दिया जाए.
मुख्तार के वकील दारोगा सिंह के मुताबिक इस मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी. उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी से जुड़ा ये पूरा मामला प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में भी स्थानांतरित किया जाएगा. गौरतलब है कि पूर्वांचल के मऊ जिले की मऊ सदर सीट से विधायक अंसारी के खिलाफ यूपी में कुल 52 मुकदमे दर्ज हैं. मुख्तार को लखनऊ जेल के अधिकारियों के साथ मारपीट के 21 साल पुराने केस में एमपी-एमएलए कोर्ट ने भी तलब किया है.
बता दें कि यूपी लाए जाने के बाद मुख्तार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. यूपी सरकार ने अंसारी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने को लेकर भी कानूनी विमर्श शुरू कर दिया है. मुख्तार अंसारी की विधायकी पर भी बन आई है. जानकारों के मुताबिक यदि कोई सदस्य विधानसभा की कार्यवाही से 60 दिन तक अनुपस्थित रहता है तो आर्टिकल 190 के तहत उसकी सदस्यता खत्म की जा सकती है. मुख्तार की सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई में उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को भी आधार बनाने की तैयारी है.