कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लगातार तीसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. शनिवार को बिहार, रविवार को दिल्ली और सोमवार को यूपी के मथुरा में. राहुल ने मथुरा में हुए कांग्रेस के प्रांतीय सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस से ज्यादा तो पीएम मोदी खुद अपना नुकसान कर रहे हैं. मोदी खुद ही अपना विपक्ष बनते जा रहे हैं. एक दिन नीचे जाएंगे.
RSS पर बोला हमला
राहुल ने RSS पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आरएसएस नहीं है. वरना स्टेज पर मोहन भागवत आते और कहते कि आसमान काले रंग का है और इसे सभी मान लेते. राहुल ने इससे पहले वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन भी किए.
'कांग्रेस के विपक्ष हैं मोदी'
राहुल ने कहा, मोदी कांग्रेस के विपक्ष हैं. कांग्रेस को फोकस देते हैं. RSS के लोग हमारी विचारधारा को जीवित करते हैं. क्योंकि हम उनकी विचारधारा के खिलाफ हैं.
'वादों का क्या हुआ'
राहुल ने कहा कि मोदी लगातार झूठे वादे कर रहे हैं. हर हिंदुस्तानी को 15 लाख रुपये मिलने थे. मिले क्या? न तो मिले और न ही मिलेंगे. किसानों से कहा एमएसपी बढ़ा दूंगा. अच्छे दिन आएंगे. हर प्रदेश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं.
दिया स्टीव जॉब्स का उदाहरण
राहुल ने चिंतन शिविर में एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्टीव जॉब्स की तरह टीम भावना बनानी होगी. हर तरह की राय के लिए खुला बनना होगा.
'यूपी मेरा घर'
राहुल ने यूपी को अपना घर बताया है. उन्होंने कहा, 'जब कोई मुझसे पूछता है कि हिंदुस्तान में कहां से हो? मैं उन्हें कहता हूं कि मैं इलाहाबाद और कश्मीर से हूं. मैं जम्मू-कश्मीर जाता हूं तो लगता है अपने घर आ गया. इसी तरह जब में यूपी में रहता हूं तो लगता है कि अपने घर पर हूं.
आम चुनाव के बाद पहली बार सीधी बात
सम्मेलन में मौजूद कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने कहा है कि यह सम्मेलन मिशन-2017 (यूपी विधानसभा चुनाव) की तैयारी है। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका है, जब राहुल गांधी यूपी कांग्रेस के नेतृत्व से सीधे मिलने और बातचीत करने पहुंचे. 15 साल पहले 2000 में भी कांग्रेस ने मथुरा में ऐसा ही चिंतन शिविर किया था.
जॉब्स पर सुनाई यह कहानी
एक बार किसी ने जॉब्स से पूछा कि आपकी कंपनी खत्म हो गई थी. तो दोबारा खड़ी कैसे हुई? जॉब्स ने एक कहानी बताई. कहा
कि जब मैं छोटा था तो पड़ोस में एक बुजुर्ग रहते थे. मैं वहां जाकर खेलता था. एक दिन उन्होंने कहा कि मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूं. पड़ोसी ने उन्हें एक मोटर
दिखाई. वहां एक ड्रम सा था. अलग-अलग शेप के 20-25 पत्थर दिखाए. स्टीव जॉब्स 6-7 साल के थे. मोटर में उन्होंने पत्थर डाल दिए और मोटर ऑन की. फिर पड़ोसी
ने जॉब्स को घर जाने के लिए कहा. जॉब्स ने कहा कि ये क्या जादू है. पड़ोसी ने कहा कि इस जादू में टाइम लगता है. अब कल सुबह आना. स्टीव जॉब्स अगले दिन
गए. मोटर बंद की, ड्रम खोला और पत्थर निकाले तो सब एक शेप के हो गए थे. जॉब्स ने मतलब पूछा तो पड़ोसी ने कहा कि आप सबको एक ड्रम में डाल दो. उनकी
सही तरीके से बात करा दो. हर पत्थर के अंदर चमक होती है, वो चमक निकल आएगी. मैं चाहता हूं कि यही काम आप लोग करें.