27 महीने बाद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की यूपी वापसी हो गई है. उसे लेकर यूपी पुलिस पंजाब के रोपड़ से बांदा जेल पहुंच गई. अंसारी को यूपी पुलिस कल दोपहर करीब दो बजे रोपड़ से रवाना हुई थी. एक कारोबारी को धमकाने के आरोप में अंसारी रोपड़ जेल में बंद था और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे यूपी पुलिस को सौंपा गया.
कल दोपहर 2 बजकर सात मिनट पर पंजाब के रोपड़ से कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्तार अंसारी यूपी पुलिस के करीब डेढ़ सौ जवानों के साथ बांदा जेल के लिए निकला था. करीब 900 किलोमीटर का सफर 14 घंटे और सात मिनट में पूरा कर यूपी पुलिस की टीम मुख्तार को लेकर जब बांदा जेल पहुंची तो शहर में सन्नाटा पसरा था.
विकास दुबे समेत कई माफिया डॉन जिस तरह शहर बदली के दौरान एनकाउंटर के शिकार हुए उससे मुख्तार के रोपड़ टू बांदा सड़क यात्रा पर सबकी करीबी निगाहें थीं. मुख्तार को रोपड़ से सोनीपत, कुंडली बॉर्डर, बागपत ईस्टर्न पैरिफेरेल से नोएडा-आगरा एक्सप्रेसवे होते हुए ताज एक्सप्रेसवे से इटावा, औरेया, फफूंद, घाटमपुर, हमीरपुर होते हुए बांदा जेल लाया गया.
मुख्तार अंसारी को लेकर यूपी पुलिस सुबह साढ़े चार बजे बांदा जेल पहुंची थी. थकान की शिकायत करने पर मुख्तार को सीधे बैरक नंबर 16 में आराम करने के लिए भेजा गया. सुबह 10 बजे मुख्तार का पहला कोरोना टेस्ट किया गया. मुख्तार की मेडिकल फाइल की भी जांच हो रही है. बैरक नंबर 16 में मुख्तार को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है.
एक वक्त था जब मुख्तार अंसारी की यूपी में तूती बोलती थी, ना जाने कितने संगीन अपराधों में मुख्तार का नाम आया लेकिन हर बार वो बच निकला. अब जब योगी शासन में माफिया डॉन के खिलाफ मुहिम छिड़ी हुई है मुख्तार की पंजाब से यूपी वापसी के बाद सबकी निगाहें मुख्तार की पुरानी फाइलों पर टिक गई है.
उत्तर प्रदेश में मुख्तार अंसारी के खिलाफ 52 मुकदमे दर्ज हैं. जिनमें से 15 ट्रायल के फेज में है. इस बीच यूपी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को 21 साल पुराने एक केस में तलब किया है. लखनऊ जिला जेल में अधिकारियों के साथ मारपीट के इस मामले में मुख्तार अंसारी पर आरोप तय किया जाना है.