उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में मुस्लिम शिक्षक द्वारा छात्रा को पूजा का चंदन लगाने से रोकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. स्थानीय लोग और विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप के कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं. लोगों ने इसकी शिकायत स्कूल के प्रिंसिपल से की है.
पुजारी का कहना है कि 8 सितंबर को स्कूल के प्रिंसिपल धर्मजीत सिंह छुट्टी पर थे. शिक्षक मोहम्मद कासिफ निरीक्षण करते हुए मंदिर की ओर आए. इस दौरान उन्होंने एक छात्रा के चंदन लगाने पर आपत्ति जताई. फटकार लगाते हुए साथ ही कहा कि जब मेरे पास स्कूल का चार्ज हुआ करे, तो चंदन मंदिर के अंदर ही रखें. पुजारी ने इस घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को दी.
इसके बाद विहिप को भी इसकी सूचना मिली. विहिप जिला उपाध्यक्ष हरिचरण मिश्रा का आरोप है कि शिक्षक कासिम के रहते हुए ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. वह हिंदुओं से नफरत करते हैं. उन्होंने पुजारी को बुलाकर डांटा और कहा था कि जब तक मैं हूं, मंदिर न खोला जाए.
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है. इन आरोपों पर शिक्षक मोहम्मद कासिफ ने कहा, "मैं 2005 से इस विद्यालय में पढ़ा रहा हूं. मैंने कभी पुजारी को ऐसा करने से नहीं रोका. मैंने उस दिन छात्रों से बस क्लास में जाने के लिए कहा था, जिसका पुजारी ने गलत अर्थ निकाला है."
घटना को लेकर शिक्षक का बयान भी सामने आया है. जिले के लालगंज में स्थिति बापू उपरौध इंटर कॉलेज में मंदिर बना हुआ है. यहां रामजी मिश्रा पुजारी हैं. करीब दो साल से वह यहां पूजा-पाठ कर रहे हैं. मामले में प्रिंसिपल धर्मजीत सिंह का कहना है कि शिक्षक ने छात्रा से कहा था कि चंदन बाद में लगाइए पहले क्लास लीजिए. उनके कहने का गलत अर्थ निकाला गया है.