कोरोना काल में जब लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. ऐसे में ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी में बिल्डर ने मेंटेनेंस शुल्क 60 परसेंट बढ़ा दिया है. यही नहीं जब लोगों ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, तो उनकी बिजली–पानी काट दी गई और सिक्योरिटी गार्ड भी हटा लिया गया. इसके कारण लोगों को अपनी सिक्योरिटी के लिए खुद ही चौकीदारी करनी पड़ रही है.
वहीं, गौर सिटी में कोविड-19 पेशेंट भी हैं जिनको काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. इस सिलसिले में लोग डीएम से और स्थानीय विधायक से मिल चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर गौर बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम की. मामले की सूचना मिलते ही भारी संख्या में बिसरख थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. इस प्रर्दशन में गौर सिटी 1 एवेन्यू से लेकर 6 एवेन्यू के रहने वाले लोग शामिल थे.
पुलिस का कहना है कि लोग इस बात से खफा हैं कि 60 परसेंट भारी मेंटनेंस चार्ज विरोध करने पर उनकी मूलभूत सुविधाएं हटा ली गई हैं. लोगों का कहना है कि सोसाइटी से सुरक्षा गार्डों को भी बिल्डर ने हटा दिया है, जिससे लोग खौफजदा हैं. इसके कारण इन लोगों को अपनी सिक्योरिटी के लिए खुद ही की चौकीदारी करनी पड़ रही है. एवेन्यू 6 के निवासी संगीत का कहना है कि कोविड-19 उनके एवेन्यू में 8 पेशेंट भी हैं जिनको काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.
अनीता प्रजापति का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी के कार्यकाल में इस तरह की मेंटेनेंस बढ़ा दी गई है. उन्होंने डीएम पुलिस, प्राधिकरण और स्थानीय सांसद से शिकायत की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है.
लोगों का आरोप है कि बिजली पानी सिक्योरिटी जैसी मूलभूत सुविधाओं से उन्हें वंचित रखा गया है. उनका कहना है कि बिल्डर मेंटेनेंस के नाम पर मोटी रकम वसूलता है लेकिन न तो कोई सुविधा देता है और जब इसकी शिकायत की जाती है तो इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है.