नोएडा के शाहबेरी गांव में मंगलवार रात दो इमारतों के ढहने से हुए हादसे में मरने वालों का आंकड़ा 8 पहुंच गया है. वहीं, पुलिस ने अब तक इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 18 अन्य के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया है.
राहत और बचाव कार्य के दौरान लगातार शवों की बरामदगी हो रही है. बुधवार देर रात तक आठ शवों को निकाला जा चुका है. इस घटना के पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. अब तक प्रोजेक्ट मैनेजर और असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही मामले की जांच मेरठ आयुक्त को सौंप दी गई है. मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. साथ ही विभा चहल को ओएसडी पद से हटा दिया गया है.
इस केस में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार गंगाशरण ने खुलासा किया है कि मैंने 3 साल पहले यह जमीन बेच दी थी. उसने बताया कि बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं है, शाहबेरी में किसी बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं है यहां सब कुछ अवैध काम होता है. उसका कहना है कि मिलीभगत से रजिस्ट्री कराई गई है. जो इमारत गिरी है उसके बिल्डर फिलहाल फराह हैं. बिल्डर पंकज गोयल गाजियाबाद का रहने वाला है, जबकि दूसरी बिल्डर सलीम मेरठ का रहने वाला है.
मुख्य दमकल अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि दोनों इमारतों में दर्जनभर लोगों की फंसे होने की आशंका है. उन्होंने बताया कि रात से ही चल रहे बचाव और राहत कार्य में देर रात को दो लोगों के शवों को बाहर निकाला गया था, जबकि बुधवार सुबह एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला गया है. जिसके बाद बुधवार शाम छह बजे के करीब एक पुरुष और एक महिला के शव को बाहर निकाला गया.
घटना के बाद मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य और पूर्व मंत्री राकेश यादव तथा अयूब अंसारी ने सरकार से मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की मदद राशि देने की मांग की है. उन्होंने मृतकों के परिजन को सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है.