सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चीफ ओपी राजभर ने एक बार फिर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है. ओपी राजभर ने एसआई भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी की सरकार दो मुंह सांप वाली सरकार है. उन्होंने कहा, ये सरकार एक तरफ भर्ती में पारदर्शिता की बात करती है तो वहीं दूसरी तरफ ब्लैक लिस्टेड कंपनी के जरिए प्रक्रिया जारी रखती है. राजभर ने कहा, सरकार की नियत में खोट है. उन्होंने मांग की कि सरकार एसआई की भर्ती को तुरंत निरस्त करें और अभ्यर्थियों के साथ इंसाफ हो.
यूपी में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड ने 2021 में सब इंस्पेक्टर रैंक के लिए भर्ती निकाली थी. इस दौरान परीक्षा में जालसाजी का मामला सामने आया था. इस मामले में यूपी एसटीएफ लगातार छापेमारी कर रही है और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है. सपा, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साध रहे हैं.
राज्यसभा जाकर विपक्ष को मजबूत करेंगे जयंत चौधरी
सपा के सहयोगी ओपी राजभर ने कहा, जयंत चौधरी राज्यसभा जाकर विपक्ष को मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा, कपिल सिब्बल और जयंत दोनों की भूमिका अलग अलग है. अखिलेश यादव ने दोनों को मौका देकर 2024 के लिए गठबंधन मजबूत करने का काम किया है. ओपी राजभर ने कहा, विपक्ष के सभी सहयोगी दल साथ हैं.
दरअसल, सपा ने यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए गठबंधन के उम्मीदवार जयंत चौधरी को समर्थन देने का ऐलान किया है. इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार कपिल सिब्बल को भी समर्थन दिया है. इसके अलावा सपा ने जावेद अली खान को भी उम्मीदवार बनाया है.
यूपी की 11 राज्यसभा सीटों पर 10 जून को चुनाव
यूपी में 11 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं. इन सीटों पर 10 जून को चुनाव है. यूपी विधानसभा में विधायकों की मौजूदा स्थिति को देखें तो बीजेपी का 11 में 7 पर जीतना तय माना जा रहा है. वहीं, सपा गठबंधन भी 3 सीटों पर आसानी से जीत सकती है. पेंच सिर्फ एक सीट पर फंसने के आसार हैं.
कैसा है विधानसभा का गणित?
यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं. ऐसे में एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट जरूरी हैं. विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने 273 सीटें जीती हैं. जबकि सपा गठबंधन के पास 125 विधायक हैं. इसके अलावा कांग्रेस के पास 2, बसपा के पास एक और राजा भईया के पास दो विधायक हैं. 11वीं सीट के लिए बीजेपी और सपा के पास 14-14 अतिरिक्त विधायक बचेंगे. ऐसे में क्रॉसवोटिंग, सेंधमारी और निर्दलीय विधायकों के सहारे 11वीं सीट पर जीत हासिल की जाएगी.