PM Modi Varanasi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं. इस दौरे पर पीएम अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और कन्वेंशन सेंटर-रुद्राक्ष पहुंचे. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया. पीएम मोदी ने यहां 1800 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया.
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय शिक्षा समागन का आयोजन उस धरती पर हो रहा है, जहां पर आजादी से पहले देश के महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी. पीएम मोदी ने कहा कि हम केवल डिग्री धारक युवा तैयार न करें, बल्कि देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो, हमारी शिक्षा व्यवस्था वो देश को दें. इस संकल्प का नेतृत्व हमारे शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को करना है.
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'मैं काशी का सांसद हूं, मेरी काशी में आप पधारे हैं, तो एक प्रकार से मैं मेजबान भी हूं. आप सबके साथ-साथ मेरे भी मेहमान हैं, मुझे विश्वास है कि आपको व्यवस्थाओं में असुविधा नहीं होगी. प्रबंध करने का सबने प्रयास किया है,लेकिन अगर फिर भी कोई कमी रह गई है तो इसकी जिम्मेदारी मेरी होगी'.
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पहला मूलमंत्र युवाओं को संकुचित सोच से निकालकर उसे तकनीकी और उन्नत सोच की ओर ले जाना है. आजादी के पहले सेवकवर्ग तैयार किए जा रहे थे, वो अंग्रेज़ो की शिक्षा पद्धति थी.
बनारस शिक्षा का केंद्र था, ज्ञान का केंद्र था, क्योंकि यहां की शिक्षा ज्ञान बहुआयामी था. नए भारत के निर्माण के लिए आधुनिक व्यवस्थाओं का समावेश होना जरूरी है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में आजादी का अमृत काल चल रहा है. विद्या ही अमरत्व का मार्ग है. काशी को मोक्ष का स्थान माना गया है.
इससे पहले उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अक्षय पात्र किचन का उद्घाटन किया. वाराणसी में तैयार किए गए विशालकाय अक्षय पात्र किचन में एक लाख बच्चों के लिए मिड डे मिल तैयार किया जाएगा. अक्षय पात्र किचन में कई आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं. इस किचन में लगी रोटियां बनाने की मशीन से केवल एक घंटे में 40 हजार रोटियां तैयार हो जाएंगी.
अक्षयपात्र रसोई के उद्घाटन के अवसर पर सरकारी स्कूल के बच्चों ने प्रधानमंत्री को शिव तांडव स्तोत्र सुनाया. PM मोदी ने बच्चे से शिव तांडव स्रोत सुनकर उसका हौसला बढ़ाया.
15 हजार वर्ग मीटर में बनाए गए अक्षय पात्र के किचन को बनाने में 24 करोड़ रुपये की लागत आई है. किचन में रोटियां बनाने की मशीन है. इसमें ऑटोमेटिक तरीके से आटा भी गूंथा जा सकेगा. इस किचन में कड़ाही सबसे बड़ी मशीन है जो एक बार में 1600 लीटर दाल तैयार करेगी. बता दें कि 8 जुलाई को 25 हजार बच्चों के लिए खाना बनाने से अक्षय पात्र किचन की शुरुआत होगी. 6 महीने बाद एक लाख बच्चों का खाना बनेगा.
अक्षय पात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत दास ने बताया कि पहले चरण में सेवापुरी के स्कूलों में खाना पहुंचाया जाएगा. इस ब्लॉक में 143 स्कूल हैं जिनमें 124 परिषदीय और 19 एडेड हैं.
राजकीय व्रत एवं अशक्त महिला तथा शिशु गृह का भी करेंगे लोकार्पण
पीएम मोदी दुर्गा कुंड में बने थीम पार्क (राजकीय व्रत एवं अशक्त महिला तथा शिशु ग्रह) का भी लोकार्पण करेंगे. इसमें दादी (निराश्रित माताएं) की लोरियां और पोतों की किलकारियां गूंजेगी. थीम पार्क के लोकार्पण की खबर के बाद यहां की निराश्रित महिलाएं (दादी मां) बहुत खुश हैं और इंतजार कर रही हैं कि कब यहां बच्चे आएंगे और वे उन्हें लोरियां सुनाएंगी.
निराश्रित महिलाओं ने आजतक से बातचीत करते हुए लोरियां भी सुनाई. उन्होंने कहा कि वह बच्चों को अच्छे संस्कार देंगी, जिससे वह कभी अपने बड़ों को नहीं छोड़ेंगे और किसी को वृद्धा आश्रम में रहना नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यहां आने वाले बच्चे हमें हमारे अतीत की याद दिलाएंगे. हम सभी बच्चों का भरपूर मनोरंजन करेंगे.
थीम पार्क के सुपरिटेंडेंट ने दी ये जानकारी...
थीम पार्क के सुपरिटेंडेंट देव शरण सिंह ने आजतक को बताया कि पार्क में बच्चों और वृद्ध महिलाओं के लिए अनेक सुविधाएं होंगी. यहां प्रार्थना कक्ष, गतिविधि कक्ष, टीवी रूम, डायनिंग हॉल, वेटिंग हॉल, डॉरमेट्री, प्रशासनिक कक्ष, मेडिकल चेकअप कक्ष, वार्डन रूम, किचन आदि होंगे.
उन्होंने बताया कि यहां कुल 19 कमरों में 55 लोगों के रहने की व्यवस्था है. यहां 10 साल से कम उम्र के निराश्रित और पिछड़े बच्चे रहेंगे. 4 करोड़ रुपए की लागत से 4 मंजिल वाले थीम पार्क का निर्माण 2015 में शुरू हुआ था, लेकिन बजट के अभाव के चलते इसका काम धीमी गति से हुआ.
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