प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के छोटे दुकानदारों और रोजगार करने वालों को बड़ा तोहफा दिया. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को दस हजार तक का कर्ज दिया जा रहा है. इसी योजना के लाभार्थियों से पीएम मोदी ने मंगलवार को संवाद किया.
प्रधानमंत्री बोले कि इस योजना के तहत सबसे अधिक आवेदन यूपी से ही आए हैं और यूपी में तेजी से कर्ज को मंजूरी दी जा रही है. गरीब के नाम पर राजनीति करने वालों ने गरीबों को लोन ना देने का माहौल बनाया था और खुद घोटाले करने वालों ने बेइमानी का ठीकरा गरीबों पर फोड़ा है. पीएम मोदी ने इस दौरान डिजिटल लेनदेन के लाभ बताए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज कम पढ़े-लिखे लोग जो दिहाड़ी रोजगार का काम करते हैं, उन्हें भी बिना किसी दिक्कत के बैंक से कर्ज मिल रहा है, ताकि वो अपना काम आगे बढ़ा सकें. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना ने दुनिया पर हमला किया, लेकिन भारत में गरीबों ने इसका डटकर सामना किया. पीएम बोले कि आज योजनाएं जमीन पर उतर रही हैं और लोगों की आशंकाएं पूरी हो रही हैं.
आगरा की प्रीति से पीएम मोदी ने बात की. प्रीति ने बताया कि लॉकडाउन के वक्त काफी परेशानी हुई थी, इस बीच हमें नगर निगम की तरफ से हमें मदद मिली और फिर से हमने अपने काम को शुरू कर दिया. पीएम मोदी ने पूछा कि नवरात्रि में फल की बिक्री अधिक हुई होगी, साथ ही पीएम मोदी ने डिजिटल ट्रांजैक्शन करने की तारीफ की. पीएम ने इस दौरान भरोसा दिलाया कि अफसर आपसे मिलकर समस्याओं को दूर करेंगे.
वाराणसी के अरविंद से पीएम मोदी ने पूछा कि मोमोज कैसे बनाते हैं. पीएम मोदी ने पूछा कि आपको मदद कैसे मिली, जिसपर अरविंद ने बताया कि सिर्फ आधार कार्ड से ही खुद ही लोन मुझे मिल गया और फिर मेरा काम शुरू हो गया. पीएम मोदी ने कहा कि मैं बनारस आता हूं तो कोई मुझे मोमोज नहीं खिलाता है.
देखें: आजतक LIVE TV
पीएम मोदी के संवाद के दौरान प्रदेश के 651 नगरनिगम के 3 लाख रेहड़ी-पटरी वालों, 3 लाख छोटे दुकानदारों को ऋण दिया जाएगा. साथ ही पीएम का संवाद सीधे पांच लाख लाभार्थियों से होगा.
आपको बता दें कि कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका पर असर पड़ा है. केंद्र सरकार ने ऐसे लोगों की मदद के लिए स्व निधि योजना की शुरुआत 01 जून, 2020 को की थी. इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी की रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक लोन मिलता है.
अब तक इस योजना के अंतर्गत 24 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें से 12 लाख आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है और लगभग 5.35 लाख के ऋण वितरित किये जा चुके हैं. उत्तर प्रदेश में 6 लाख से अधिक आवदेन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 3.27 लाख को मंजूरी दी जा चुकी है और 1.87 लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है.