उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से बेहद ही दिलचस्प प्रेम कहानी सामने आई है. यहां रहने वाले उजाला और आकाश एक दूसरे से बेहद प्रेम करते थे. दोनों एक ही मोहल्ले में रहते हैं. लेकिन प्रेमिका के परिजनों को यह रिश्ता पसंद नहीं था. प्रेमिका के पिता ने गुस्से में इस रिश्ते को खत्म कराने के लिए प्रेमी के खिलाफ साल 2021 में मान्धाता कोतवाली में छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करा दिया. इसके बाद से प्रेमी आकाश अपनी जान बचाकर भागता रहा. लेकिन एक दिन वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
उजाला और आकाश के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था. उजाला को आकाश के जेल से छूटने की खबर लगी और सीधे कोतवाली पहुंच गई. वहां उसने पुलिस से प्रेमी से शादी की गुहार लगाई. प्रेमिका के हाईवोल्टेज ड्रामा के आगे दोनों परिवारों को झुकना पड़ा. दो संभ्रांत एवं परिवारजनों के हस्तक्षेप पर उजाला और आकाश को हमेशा के लिए मिला दिया गया. शान्तनु महराज के जन्मस्थली में थाने के अंदर बड़े हनुमान मंदिर में शादी कराई. इसमें दोनों तरफ के रिश्तेदार शामिल हुए. आकाश और उजाला एक ही बिरादरी के थे इसलिए ज्यादा विरोध नहीं हुआ.
आकाश के दोस्त और परिजन इस बात से बेहद नाराज थे क्योंकि उजाला के पिता ने छेड़खानी का झूठा मामला दर्ज कराकर उसे जेल भिजवाया था. जैसे ही आकाश जेल से छूटा और उसके रिश्तेदार और दोस्त उसे लेने वहां पहुंच गए. इस दौरान आकाश को पता चला कि वो उजाला कोतवाली गई है और वो अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंच गया. उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. पुलिस ने दोनों के परिजनों को बुलाया काफी देर चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद प्रेमी और प्रेमिका का मिलन हुआ. थाने में ही हनुमान मंदिर के सामने सात फेरे लेकर सिंदूर दान कर शादी की. दोनों परिवार इस शादी से बेहद खुश हैं और उजाला और आकाश ने एक दूसरे से उम्रभर साथ निभाने का वादा किया.
(रिपोर्ट- सुनील यादव)