सनातन धर्म में आस्था का केंद्र कुंभ इस बार प्रयागराज में आधुनिकता से संगम कर रहा है. योगी सरकार ने प्रयागराज में कुंभ के लिए जो तैयारियां की है वह अभूतपूर्व है. इसीलिए लाखों करोड़ों की तादात में दुनियाभर से सैलानी और श्रद्धालु संगम किनारे आस्था की डुबकी लगाने आ रहे हैं. एक से एक तकनीक इस बार प्रयागराज में देखने को मिल रही है. जिस जगह पर गंगा और यमुना का संगम होता है वहां प्रशासन द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है कि मानो पानी के ऊपर पूरा आइलैंड तैर रहा हो.
फ्लोटिंग जेट्टी तकनीक (floating Jetty techniques) से संगम के ऊपर एक पूरा तैरता हुआ आइलैंड बनाया गया है. इस आइलैंड में वीआईपी श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने के लिए दो कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं. प्लास्टिक के डिब्बों के बीच के इस इलाके में गंगा और यमुना का पानी है और नीचे रेत. बहते हुए पानी पर तैरते इस आइलैंड में संगम के बहते हुए पानी की धार में वीआईपी श्रद्धालु डुबकी लगा सकते हैं.
खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रयागराज दौरे के दौरान इसी तैरते हुए आइलैंड पर आस्था की डुबकी लगाई थी. कुंभ मेले में शासन की ओर से तैनात पीआरओ एसके सिंह के मुताबिक योगी सरकार ने कुंभ के लिए अद्भुत तैयारियां की हैं जिसमें अध्यात्म के साथ आधुनिकता लोगों को भा रही है. एसके सिंह के मुताबिक देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री समेत तमाम वीआईपी लोगों के लिए यह फ्लोटिंग आइलैंड बनाया गया है.
यहां पर बड़ी तादाद में जल पुलिस की भी तैनाती की गई है ताकि किसी भी हादसे से लोगों की जान बचाई जा सके. इस तैरते हुए आइलैंड को पहले लोगों की जान बचाने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यह वीआईपी श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए आस्था की डुबकी लगाने का एक स्रोत बन गया है.