यूपी में प्रयागराज के अटाला में पिछले शुक्रवार को भड़की हिंसा में काफी देर तक सड़कों पर पथराव होते रहे. इस दौरान पत्थरबाजों ने चार पहिया गाड़ी हो या घर में लगे शीशे... सबको तोड़ दिया. इस पत्थरबाजी के दौरान अटाला की सड़कों और गलियों में रहने वाले लोग अपने घरों में दुबके रहे. पत्थरबाजी में खड़ी कार के शीशे चकनाचूर हो गए.
इसकी रिकवरी की कार्रवाई शुरू हो गई है. पुलिस ने हिंसा प्रभावित लोगों से एफआईआर दर्ज कराने की अपील की है. प्रयागराज के आईजी राकेश कुमार सिंह के मुताबिक, इस हिंसा के दौरान जिनके घरों या कार के शीशे टूटे हैं या फिर जिनका नुकसान हुआ है, वे सभी लोग उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर करा सकते हैं.
3 घंटे चले थे जमकर पत्थर
प्रयागराज के अटाला में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा में इतने पत्थर चले कि उनको गिन पाना मुश्किल था. ये पत्थर कहां से आए? यह एक बड़ा सवाल है. ऐसा माना जा रहा है कि अटाला इलाके में तीन से चार मकान निर्माणाधीन है. इस वजह से काफी ईंट वहां पर मौजूद थे. इसका इस्तेमाल पत्थरबाजी करने वाले उपद्रवियों ने जमकर किया.
प्रयागराज की अटाला की सड़क नुरुल्लाह रोड और शौकत अली मार्ग से सटी कई गलियों से उपद्रवी निकलकर पुलिस वालों पर पथराव करते रहे. इस पथराव में चाहे पुलिसकर्मी हो या आम आदमी या पत्रकार सभी चोटिल हो गए. इस पथराव में अटाला सड़क और गलियों में रखी चार पहिया वाहन पथराव का शिकार हुए.
कैसे शिकायत दर्ज करा सकते हैं?
इसके अलावा इस पत्थरबाजी में घर में खड़ी अधिकतर गाड़ियों के शीशे भी टूट गए. हंगामा कर रहे लोगों के खिलाफ अगर कोई शिकायत दर्ज करवाना चाहता तो करवा सकता हैं. आईजी राकेश कुमार सिंह के मुताबिक, शिकायतकर्ता दुकानदार हो या घरों में रहने वाले लोग... आकर शिकायत थाने में दर्ज करा सकते हैं.
इसी शिकायत के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रयागराज के आईजी जोन राकेश कुमार सिंह ने अटाला के रहने वाले लोगों से कहा कि अगर कोई शिकायत दर्ज कराना चाहे तो थाने में जाकर एफआईआर करा सकता है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कोई शिकायत किसी ने थाने में दर्ज नहीं करवाई है.
हिंसा के बाद प्रयागराज की अटाला के इलाकों की हर सड़क और गलियों में सन्नाटा पसरा है. इन सब जगह पुलिसकर्मी और आरएएफ के जवान तैनात हैं. दुकानों के बंद होने से दुकानदारों को भी नुकसान हो रहा है. इसके अलावा रोजमर्रा कमाने-खाने वालों पर भी इस हिंसा का असर नजर आने लगा है.