कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लगातार पार्टी को उत्तर प्रदेश में पार्टी के लिए जमीन तैयार करने की कोशिश में जुटी हैं. यही वजह है कि लोकसभा चुनाव में मिली हार के बावजूद प्रियंका यूपी छोड़ने को तैयार नहीं है. वह लगातार वहां लोगों से मिल रही हैं और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों के साथ खड़ी आ रही हैं. बीती 12 फरवरी को उन्होंने आजमगढ़ में CAA के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाओं से मुलाकात भी की थी जिन्होंने सूबे की योगी सरकार पर उनका दमन करने का आरोप लगाया था. इस दौरान प्रियंका ने 6 साल की अनाबिया से भी मुलाकात की और बुधवार को उसके लिए खास तोहफा भेजा है.
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आजमगढ़ के बिलरियागंज में जब प्रियंका महिलाओं से मिल रही थीं तभी 6 साल की मासूम अनाबिया को उन्होंने अपनी गोद में बैठा लिया. इस दौरान अनाबिया रोने लगी तो प्रियंका ने उसका दर्द साझा किया. बुधवार को जिले में अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य अनाबिया के घर कुछ गिफ्ट और प्रियंका का लिखा हुआ एक खत लेकर पहुंचे. प्रियंका गांधी ने मासूम बच्ची के लिए स्कूल बैग और खिलौने भेजे हैं साथ ही एक चिट्ठी भी उसके नाम भेजी गई हैं.
प्रियंका की ओर से लिखा गया खत
इस चिट्ठी भी प्रियंका ने अनाबिया को बहादुरी बच्ची बताते हुए लिखा कि हमेशा ऐसी ही बनी रहना और जब भी जरूरत पड़े तब मुझे कॉल करना. प्रियंका ने बच्ची के परिवार को अपना फोन नंबर भी दिया है. साथ ही उम्मीद जताई है कि भेजा गया गिफ्ट अनाबिया को पंसद आएगा. प्रियंका ने खत में बच्ची के लिए खुद को आंटी कहकर संबोधित किया है.
डॉक्टर बनना चाहती है अनाबिया
अनाबिया भी अपने लिए आए गिफ्ट पाकर काफी खुश है उसने बताया कि प्रियंका जब उससे मिली थीं तो उन्होंने बच्ची का हाल-चाल जाना और पूछा कि उसे क्या चाहिए. इस पर बच्ची ने कहा कि मैंने उनसे कुछ भी खरीदने के लिए मना किया था लेकिन आज उन्होंने मेरे लिए स्कूल बैग, खिलौने भेजें हैं. बच्ची ने कहा कि वह बड़े होकर डॉक्टर बनना चाहती है.
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गिफ्ट के साथ अनाबिया
अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष शाहनवाज आलम का कहना है कि गांधी परिवार की बच्चों के प्रति जो आत्मीयता और प्यार है उसे दर्शाने के लिए ही यह गिफ्ट प्रियंका गांधी की ओर से इस भेजे गए हैं. अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य ने बताया कि कांग्रेस हमेशा से बच्चों को देश का भविष्य मानती आई है और इसी भविष्य के ख्याल रखते हुए प्रियंका गांधी ने इस मासूम बच्चों को तोहफा भेजा है.
कब हुई दोनों की मुलाकात?
दिल्ली के शाहीन बाग की ही तरह आजमगढ़ के मौलाना जौहर पार्क बिलरियागंज में सीएए के खिलाफ धरना-प्रदर्शन चल रहा था. बीते दिनों आंदोलनकारियों को पुलिस ने खदेड़ दिया था. इसके साथ ही कई प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे और कई को जेल में बंद कर दिया. कांग्रेस महासचिव इन महिलाओं से मिलने 12 फरवरी को आजमगढ़ पहुंची थीं जहां महिलाओं के साथ उन्होंने इस बच्ची से भी मुलाकात की थी.