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CAA हिंसा: मुजफ्फरनगर में पीड़ितों से मिलीं प्रियंका, कहा- पुलिस ने लोगों को बेरहमी से पीटा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने का सिलसिला जारी है. वह शनिवार को इसी तरह की हिंसा में मारे गए नूरा के परिवार वालों से मिलने के मुजफ्फरनगर पहुंचीं और परिजनों का हाल जाना. 

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नूरा के परिजनों से मिलीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी
नूरा के परिजनों से मिलीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी

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  • 20 दिसंबर को हुए प्रदर्शन में हिंसा में नूरा की हुई थी मौत
  • प्रियंका गांधी के साथ इमरान मसूद और पंकज मलिक भी हैं

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने का सिलसिला जारी है. वह शनिवार को इसी तरह की हिंसा में मारे गए नूरा के परिवार वालों से मिलने के मुजफ्फरनगर पहुंचीं और परिजनों का हाल जाना.

प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस नेता इमरान मसूद और पंकज मलिक भी हैं. बता दें कि मुजफ्फरनगर में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था और इस दौरान हुई हिस्सा में नूरा की मौत हो गई थी.

प्रियंका गांधी ने नूर मोहम्मद के परिजनों से मुलाकात करने के बाद कहा कि इनके परिवार की कहानी काफी दर्दनाक है. वह 22 साल की लड़की है. सात महीन से प्रेग्नेंट है. उसकी डेढ़ साल की एक बेटी भी है. वह पूरी तरह से अकेली हो गई है. उसकी हर संभव मदद कांग्रेस की तरफ से करने की कोशिश की जाएगी. पुलिस की इस अमानवीय कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस लड़ाई लड़ती रहेगी.

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पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने बताया कि मौलाना असद मोहम्मद से मुलाकात के दौरान घटना की पूरी जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पुलिस अचानक आई और मदरसे से बच्चों को उठाकर लेकर गई. काफी लोगों को चोटें आई थीं. काफी बच्चों को लेकर जेल में डाल दिया. काफी बच्चों को रिहा किया गया है और कुछ अभी जेल में बंद हैं. दूसरी जगह नूर मोहम्मद के परिजनों से मुलाकात की है. उनकी कहानी बहुत ही दर्दनाक है. कांग्रेस हर संभव उनकी मदद करेगी.

प्रियंका गांधी ने कहा कि हमने पहले ही राज्यपाल को एक ज्ञापन दिया है. हमने पूरी बात बताने का प्रयास किया है कि पुलिस ने किस तरह प्रदर्शन के दौरान ज्यादती की थी. हम लगातार लोगों की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरगें. उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. कांग्रेस नेताओं के अनुसार उन्होंने लगभग आधे घंटे तक नूर मोहम्मद की पत्नी से मुलाकात की.

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प्रियंका गांधी पहले ही नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुए हिंसा में मारे गए परिवारों को पत्र लिखकर हर कदम पर साथ देने की बात कही थी. कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और पीएल पुनिया अपनी पार्टी की नेता प्रियंका गांधी वाड्रा का पैगाम लेकर फिरोजाबाद में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे.

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सक्रियता से चिढ़ीं सपा-बसपा

नए नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में पीड़ित परिवारों से मिलने के साथ ही प्रियंका गांधी लगातार यूपी की योगी सरकार पर हमलावर हैं. वहीं उनकी उत्तर प्रदेश में बढ़ रही सक्रियता समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को खटकने लगी है. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के अलावा प्रदेश में हुई अन्य घटनाओं में प्रियंका ने न केवल बढ़चढ़ कर भाग लिया, बल्कि सपा बसपा को मात दे दी. इससे दोनों दलों को अपने वोट बैंक खिसकने का डर सताने लगा है. इसीलिए मायावती ने तो प्रियंका पर हमले भी शुरू कर दिए हैं.

भेज रहीं संविधान की प्रस्तावना

बता दें कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की जनता के बीच किसी न किसी माध्यम से जुड़ी रहना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने एक नायाब तरीका निकाला है. वह नए साल की शुभकामनाओं वाले ग्रीटिंग कार्ड के साथ संविधान की प्रस्तावना भेज रही हैं. इस तरह वह लोगों को संविधान के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनसे मेल-जोल भी बढ़ा रही हैं.

इस ग्रीटिंग कार्ड की खासियत यह है कि इसमें एक तरफ भारतीय संविधान की प्रस्तावना छपी है, जबकि दूसरी ओर नए साल का बधाई संदेश छापा गया है. नीचे की ओर प्रियंका गांधी के हस्ताक्षर भी अंकित हैं. ये ग्रीटिंग कार्ड सभी को डाक के माध्यम से भेजे जा रहे हैं.

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