प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आंदोलनजीवी वाले बयान पर विपक्ष की ओर से लगातार निशाना साधा जा रहा है और अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम के इस शब्द के इस्तेमाल की आलोचना की है. प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में किसानों का अपमान किया, उनको आंदोलनजीवी कहा. क्या मतलब है आंदोलनजीवी का?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने किसान पंचायत में कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में किसानों का अपमान किया, उनको आंदोलनजीवी कहा. क्या मतलब है आंदोलनजीवी का? किसान आंदोलन कर रहे अपने देश की मिट्टी के लिए, अपने बेटे के लिए, अपने देश के लिए, जो सीमा पर खड़ा है. उसको देशद्रोही कहने वाला, उसका मजाक उड़ाने वाला, उसे आतंकवादी कहने वाला, वह देशभक्त नहीं है. वह देशभक्त कभी नहीं हो सकता.
किसानों का मजाक उड़ायाः प्रियंका
प्रियंका गांधी ने दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अब तक नहीं मिलने की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका, चीन, पाकिस्तान गए, लेकिन जिस शहर में रहते हैं उसके बॉर्डर तक नहीं पहुंच पाए.
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन संसद में उन्होंने किसानों का मजाक उड़ाया. जो किसान शहीद हुए उनका आदर नहीं किया. उनका अपमान किया. लेकिन जो इस देश को बेच डालता है जो हवाई अड्डे, रेलवे, एलआईसी को बेच सकता है उससे आप क्या उम्मीद रख सकते हैं.
वो आपके लिए कुछ नहीं करेंगेः प्रियंका गांधी
प्रियंका ने कहा कि भाइयों जाग जाइए जिससे आप उम्मीद रख रहे हैं. वो आपके लिए कुछ नहीं करेंगे, जब यह बड़े-बड़े वादे करते हैं तो समझ जाइए यह सब खोखले हैं. ये आपकी जमीन का आंदोलन है, आप पीछे मत हटिए. हम खड़े हैं, जब तक ये बिल वापस नहीं होते तब तक डटे रहिए. जब कांग्रेस की सरकार आएगी ये सभी बिल वापस होंगे और आपको समर्थन मूल्य का पूरा दाम मिलेगा.
सहारनपुर में किसान पंचायत में प्रियंका गांधी ने कहा कि 16,000 करोड़ के 2 हवाई जहाज ले लिए और 20,000 करोड़ संसद के सुंदरीकरण में खर्च कर दिया लेकिन किसानों का बकाया 15,000 करोड़ आज तक नहीं दिया. 56 इंच की छाती के अंदर एक छोटा सा दिल है जो केवल कुछ उद्योगपतियों के लिए धड़कता है.
पीएम मोदी ने क्या कहा था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान आंदोलन को लेकर सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष पर निशाना साधा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये (आंदोलनजीवी) लोग खुद आंदोलन नहीं चला सकते हैं, लेकिन किसी का आंदोलन चल रहा हो तो वहां पहुंच जाते हैं. ये आंदोलनजीवी ही परजीवी हैं, जो हर जगह मिलते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि हमने बुद्धिजीवी सुना था, लेकिन कुछ लोग आंदोलनजीवी हो गए हैं, देश में कुछ भी हो वो वहां पहुंच जाते हैं, कभी पर्दे के पीछे और कभी फ्रंट पर, ऐसे लोगों को पहचानकर हमें इनसे बचना होगा.