उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान एक बार फिर उफान पर है. योगी सरकार के दो मंत्रियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है. ये मंत्री हैं राकेश सचान और संजय निषाद. राकेश सचान को 31 साल पुराने अवैध हथियार के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया है. वहीं, संजय निषाद के खिलाफ गोरखपुर की सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. इन तमाम घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
क्या है राकेश सचान से जुड़ा मामला?
साल 1991 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी के नेता राकेश सचान से पुलिस ने एक अवैध हथियार बरामद किया था. इस मामले में उनके खिलाफ खिलाफ सशस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसी केस (729/1991) में शनिवार को कानपुर की अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट -3 की अदालत में सुनवाई चल रही थी. इस दौरान अदालत ने सचान को दोषी ठहराया. यानी राकेश सचान को अदालत दोषी साबित करके सजा सुनाने की तैयारी में थी. इससे पहले बचाव पक्ष को सजा पर बहस शुरू करने को कहा गया. लेकिन मामले में मोड़ तब आ गया जब राकेश सचान दोषसिद्धि आदेश की फाइल लेकर ही अदालत से गायब हो गए. इसके बाद पूरे अदालत और पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया. इस मामले में भी उनके खिलाफ कोर्ट की पेशकार ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी है. राकेश सचान कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट मौजूदा विधायक और सूबे की योगी कैबिनेट में खादी ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा, और वस्त्रोद्योग मंत्री हैं.
मिल्खा सिंह से भी तेज भागे मंत्री: सुनील साजन
राकेश सचान प्रकरण पर सपा नेता सुनील साजन ने कहा कि इतनी तेज 'भाग मिल्खा भाग' वाले मिल्खा सिंह भी नहीं भागे होंगे जितनी तेज बीजेपी के मंत्री सजा की फाइल लेकर भागे हैं. वहीं, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को लेकर सपा नेता ने कहा कि एक मंत्री नहीं हैं, संजय निषाद भी हैं. ये भी कैबिनेट मंत्री हैं, हमने सुना है कि वो यूपी से भागे हुए हैं. ये पूरा कैबिनेट गिट्टी चोर और मिट्टी चोर से भरा है.
कांग्रेस बोली- लगा कॉमनवेल्थ के कोर्ट में हैं मंत्रीजी...
यूपी कांग्रेस ने भी योगी सरकार के मंत्रियों के फंसने पर तंज कसा है. यूपी कांग्रेस ने ट्वीट किया- 'कोर्ट में फैसला आने को ही था कि मंत्री जी को लगा कॉमन वेल्थ के कोर्ट में हैं. इसीलिए मेडल लेने को भागने लगे. एक अन्य ट्वीट में लिखा- 'राम नाम की लूट है, लूट सको तो लूट लो. इन भाजपाई भूमाफियाओं ने भगवान श्रीराम की पावन भूमि को भी नहीं छोड़ा... शर्मनाक.'
कोर्ट में फैसला आने को ही था कि मंत्री जी को लगा कॉमन वेल्थ के कोर्ट में हैं।
इसीलिए मेडल लेने को भागने लगे। https://t.co/nFUssaKJPU
— UP Congress (@INCUttarPradesh) August 7, 2022
संजय निषाद के खिलाफ क्या है मामला?
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के खिलाफ गोरखपुर की सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. उन्हें गिरफ्तार कर 10 अगस्त तक कोर्ट में पेश करने के लिए दिए आदेश जारी हुआ है. ये मामला 7 साल पुराना है. साल 2015 में सरकारी नौकरियों में निषाद जाति को आरक्षण देने की मांग को लेकर सहजनवां थानाक्षेत्र के कसरवाल में आंदोलन चल रहा था. इस दौरान भीड़ हिंसक हो गई थी. इसके बाद संजय निषाद समेत कई लोगों के खिलाफ बलवा, तोड़फोड़, आगजनी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था. उन पर भीड़ को भड़काने का आरोप है. इस आंदोलन में गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. साथ ही कई पुलिसवाले भी जख्मी हुए थे.