अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जारी है और कहा जा रहा है कि जल्द ही इसे पूरा भी कर लिया जाएगा. अब हाल ही में राम मंदिर के निर्माण को लेकर एक रिव्यू मीटिंग रखी गई. उस मीटिंग में मंदिर निर्माण से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई और कई अहम जानकारी सामने रखी गईं.
जानकारी दी गई है कि रिकॉर्ड समय में विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार 18500 वर्ग मीटर क्षेत्र में 12 मीटर तक गहराई की खुदाई करने के बाद मलबा हटा दिया गया है. वहीं नींव को इंजीनियर्ड फिल (रोलर कॉंपेक्ट कंक्रीट) से भर दिया गया है. बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार का पूरा सहयोग रहा. इसी वजह से जिस काम में पहले 18 महीने लगने थे, अब वो काम पांच महीने में पूरा कर लिया गया.
राम मंदिर का कितना काम पूरा हुआ?
इस सब के अलावा इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि मंदिर सुपर स्ट्रक्चर के निर्माण के लिए बंसी पहाड़पुर (राजस्थान) और संगमरमर का उपयोग होगा. वहीं मंदिर के निर्माण में चार लाख क्यूबिक फीट पत्थर भी लगने वाले हैं. स्पष्ट कर दिया गया है कि इसके निर्माण के दौरान स्टील का प्रयोग नहीं किया जाएगा. इस सब के अलावा मंदिर के परकोटे के लिए भी जोधपुर से पत्थर मंगवाए जा रहे हैं.
किन बातों का रखा जा रहा ध्यान?
जानकारी ये भी मिली है कि ट्रस्ट द्वारा परकोटा के बाहर पूरे परिसर का प्रारंभिक मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया गया है. इसमें तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, संग्रहालय, अभिलेखागार, अनुसंधान केंद्र, सभागार, गौशाला, यज्ञ शाला, प्रशासनिक भवन आदि शामिल हैं. वैसे ट्रस्क के जितने भी सदस्य हैं वे राम मंदिर निर्माण के दौरान समय-समय पर तमाम सांधु-संतो के भी सुझाव मांग रहे हैं. उनका पूरा प्रयास है कि सभी के सपनों का राम मंदिर समय से पहले तैयार हो जाए.
अभी के लिए ट्रस्ट का यही लक्ष्य है कि 2023 के अंत तक श्रद्धालुओं के लिए राम लला के दर्शन सुलभ हो सकें. इसी दिशा में काम को कम समय में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है.