अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ परिसर के विकास के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से एक परिकल्पना तैयार की गई है. सूत्रों के मुताबिक इस परिकल्पना में एक खाका खींचा गया है कि परिसर के विकास के लिए किन-किन कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा.
मंदिर परिसर के विकास के लिए किन-किन प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा, इसकी जानकारी आजतक के पास मौजूद है. सामान्य काल में अयोध्या में हर साल एक करोड़ लोग बाहर से यहां तीर्थ प्रायोजन या पर्यटन के लिए आते हैं. ऐसे में ट्रस्ट का जोर अगले 50 वर्ष में विस्तार के मुताबिक योजनाओं पर आगे बढ़ने पर है.
1-राम मंदिर के साथ परिक्रमा पथ
राम मंदिर के साथ ही परिक्रमा पथ बनेगा. सूत्रों के मुताबिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन के बाद उनकी परिक्रमा कर सकेंगे. एक वक्त में 5,000 से अधिक श्रद्धालु एक साथ परिक्रमा कर सकेंगे. करीब 68 एकड़ के श्रीराम मंदिर परिसर में 2.77 एकड़ जमीन पर भव्य राम मंदिर होगा.
2 -अभिलेखागार, ग्रंथागार और वाचनालय
भगवान श्री राम से जुड़े लेख, पुस्तकें और शोध दस्तावेजों को एक ही जगह उपलब्ध कराने के लिए अभिलेखागार, ग्रंथागार और वाचनालय बनेगा. इसमें तमाम लेखकों के साथ अतीत में विदेश से भारत आने वाले लोगों के लेख भी होंगे.
3-म्यूजियम
म्यूजियम में वो शिलालेख व पुरावशेष रखे जाएंगे, जो समतलीकरण और उत्खनन के दौरान मिले. समतलीकरण के दौरान शिवलिंग के अलावा कई ऐसे शिलालेख मिले जिनके बारे में ऐसे सबूत होने का दावा किया जाता है कि करीब 500 साल पहले यहां राम मंदिर था.
4-मंदिर परिसर का प्रशासनिक भवन
ट्रस्ट की प्राथमिकताओ में मंदिर परिसर में बनाया जाने वाला प्रसाशनिक भवन है. यहीं से मंदिर परिसर से जुड़ी सारी व्यवस्थाओं को संचालित किया जाएगा. साथ ही तीर्थयात्रियों को अगर कोई छोटी-बड़ी दिक्कत आती है तो उसे दूर करने की कोशिश की जाएगी.
5-क्लॉक रूम
मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के यहां बड़ी संख्या में आने की संभावना के मुताबिक मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं की जा रही हैं. ऐसे में ट्रस्ट की प्राथमिकता यहां पर्याप्त क्लॉक रूम (सामान जमानती गृह) बनाने की है. यहां देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री अपना सामान जमा करा सकेंगे.
6-एस्केलेटर
मंदिर की दूसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए रैंप या एस्केलेटर भी ट्रस्ट की प्राथमिकता में है. ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग या अस्वस्थ श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो.
चार भव्य द्वार
श्रीराम मंदिर परिसर को खास बनाया जा रहा है ताकि जब श्रद्धालु परिसर में प्रवेश कर तो उसे इस बात का एहसास हो कि वो राम मंदिर नही बल्कि राम जन्मभूमि धाम में है. इसके लिए परिसर में कई महत्वपूर्ण निर्माण भी किये जाएंगे. मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चार भव्य द्वार बनाये जाएंगे.
7-प्रसाद के लिए रसोईघर
भगवान राम के प्रसाद के लिए भव्य रसोईघर का निर्माण होगा. इस रसोईघर के तीन हिस्से होंगे- अन्न संग्रह स्थल,प्रसाद निर्माणशाला और बर्तन धुलाई स्थल.
8-तीर्थयात्रियों के लिए अन्नक्षेत्र
वहीं तीर्थ यात्रियों के लिए भोजन क्षेत्र स्थल बनेगा. इसके भी 4 हिस्से होंगे- अन्न संग्रह, भोजन शाला, भोजन वितरण स्थल और बर्तन धुलाई स्थल
9-सत्संग भवन और ऑडिटोरियम
यहां तीर्थयात्रियों के सत्संग और भजन आदि के लिए सत्संग भवन बनेगा. साथ ही एक ऑडिटोरियम होगा जहां रामलीला का मंचन किया जा सके. समय समय पर यहां अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा.
10-वेद पाठशाला और यज्ञ शाला
सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट की प्राथमिकताओं में मंदिर परिसर में चारों वेदों के उच्चारण के लिए पाठशाला का निर्माण होगा. इसके अलावा यज्ञ, अनुष्ठान के लिए परिसर मे यज्ञ शाला बनाई जाएगी.
11-गौशाला
मंदिर परिसर में एक गौशाला का भी निर्माण होगा. यहां गायों के दूध-घी जैसे उत्पादों का इस्तेमाल पूजा अर्चना और अनुष्ठानों में किया जाएगा.
12-मल्टीलेवल पार्किंग
श्रद्धालुओ और विशिष्ट अतिथियों को रामलला के दर्शन में दिक्कत ना हो इसलिए परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी. यहां 500 गाड़ियों के पार्क करने की व्यवस्था होगी.
13-प्रतीक्षालय, धर्मशाला, विशिष्ट अतिथि गृह
बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियो, विशिष्ट अतिथियों के परिसर में ठहरने की सुविधाओं के निर्माण पर भी ट्रस्ट का फोकस है. श्रद्धालुओ के लिए प्रतीक्षालय, धर्मशाला और विशिष्ट अतिथि गृह बनाना प्रस्तावित है. तीर्थ यात्रियों के जूता, चप्पल रखने के लिए जूता गृह भी बनाया जाएगा.
14-परिसर को सुंदर बनाना
धूल-आंधी से बचाने के लिए राम मंदिर परिसर की सीमा पर तीन स्तरीय पौधारोपण किया जाएगा. परिसर के सौन्दर्यीकरण के लिए जगह जगह फव्वारे लगाए जाएंगे. छोटे छोटे उद्यान, पंचवटी बनाए जाएंगे. नक्षत्रो के आधार पर पौधारोपण किया जाएगा. हर मौसम में फूल देने वाले सदाबहार पौधों के साथ तुलसी उद्यान भी होगा.
15-जनसुविधा और सुरक्षा व्यवस्था
परिसर के चारों द्वार पर यात्रियों के लिए जनसुविधाओं का निर्माण होगा. इसके अलावा परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा की व्यवस्था होगी.
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए परिसर के हर कोने में वॉच टावर्स का निर्माण होगा. परिसर में पुलिस स्टेशन होगा. साथ ही सुरक्षा के लिए परिसर में जगह जगह सीसीटीवी लगाए जाएंगे.
अयोध्या के दौरे पर नृपेंद्र मिश्र
इस बीच, एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राम मंदिर निर्माण से जुड़ी गतिविधियों का जायजा लेने के लिए श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र सोमवार शाम को दिल्ली से अयोध्या पहुंच रहे हैं. वे 8-9 सितंबर को निर्माण संबंधी जगहों की समीक्षा के साथ श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्रे ट्रस्ट के पदाधिकारियों और लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के इंजीनियर्स के साथ बैठक करेंगे.