दिल्ली आगरा हाईवे पर 2 जनवरी को पोलैंड की महिला से रेप के मामले में नया खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि महिला ने बलात्कार का झूठा इल्जाम लगाया है.
एक से चार जनवरी तक महिला दिल्ली में ही थी और पुलिस के मुताबिक महिला मथुरा गई ही नहीं थी. पुलिस जांच के मुताबिक रेप का यह आरोप झूठा है. अब एफआईआर को कैंसिल किया जा सकता है. मालूम हो कि दिल्ली के पहाडग़ंज पुलिस स्टेशन में पीड़ित ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि जब वह मथुरा से अपनी दो वर्षीय बेटी के साथ आ रही थी, तब लिफ्ट देने वाले कैब चालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया.
पीडि़ता ने बताया था कि उसने कैब चालक पर विश्वास कर लिया और उसके कैब में दिल्ली तक चलना स्वीकार कर लिया था. दिल्ली में निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के बाहर एक बेंच पर जब उसने अचेतावस्था में खुद को अपनी बिलख रही बच्ची के बगल में पड़ा पाया, तब उसे महसूस हुआ कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया. पीड़िता के चिकित्सकीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी. यह विदेशी महिला मथुरा में रहती है और इसका कपड़ा निर्यात करने का कारोबार है.