बाबरी मस्जिद मामले में आज फैसला आने वाला है. इसके मद्देनजर लखनऊ के सेंट्रल बार एसोसिएशन ने वकीलों से अनुरोध किया है कि वे विशेष अदालत परिसर में जाने से परहेज करें. लखनऊ बार एसोसिएशन ने वकीलों से अनुरोध किया है कि वे सीबीआई की विशेष अदालत परिसर जाने से बचें. इसके लिए सेंट्रल बार एसोसिएशन ने पत्र जारी किया है.
पत्र में कहा गया है कि बुधवार को बाबरी विध्वंस मामले में सुनवाई होगी. अदालत परिसर में अनावश्यक रूप से न जाएं. बहुत जरूरी हो तभी कार्य के लिए पहुंचें और एक समुचित व्यवस्था बनाए रखें.
बता दें कि बाबरी मस्जिद का ढांचा 6 दिसंबर 1992 को गिराया गया था. 16वीं शताब्दी में बनाई गई बाबरी मस्जिद ढांचे को गिराये जाने के बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था. इसकी वजह से हिंसा भी हुई. अब इस मामले में आज फैसला आने वाला है. इस घटना के लगभग 28 साल बाद फैसला आ रहा है.
बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में लंबे इंतजार के बाद लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत बुधवार को अपना फैसला सुनाने वाली है. इस मामले में राममंदिर आंदोलन से जुड़े बड़े नाम और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी रितंभरा और राम विलास वेदांती समेत कुल 32 लोग आरोपी हैं. अदालत ने इन सभी आरोपियों को सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है.