उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सपा सांसद आजम खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अब जौहर यूनिवर्सिटी को लीज पर दी गई जमीन से खैर के पेड़ गायब होने के मामले में आजम खान फंसते नजर आ रहे हैं.
लीज पर ली गई जमीन से पेड़ गायब होने के मामले में एडीएम प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता ने बताया कि ये मामला गाटा संख्या 1252 और 1418 नंबर की जमीन का है. ये जमीन जौहर यूनिवर्सिटी को लीज पर दी गई थी.
बताया जा रहा है कि आजम खान को जौहर ट्रस्ट को यूनिवर्सिटी के लिए जो जमीन लीज पर दी गई थी उस समय 21 फरवरी 2007 में खैर के पेड़ थे, लेकिन अब जिला प्रशासन ने जांच के बाद शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसके अनुसार लीज पर दी गई जमीन पर खैर के पेड़ नहीं है. 4 जून 2019 की एसडीएम सदर की जांच रिपोर्ट के अनुसार वहां से पेड़ गायब हैं जिसके अनुसार यह शासन के नियमों का उल्लंघन है.
बता दें कि जौहर विश्व विद्यालय का मामला अभी ठंडा नहीं हो पाया था कि उनके हमसफर रिसॉर्ट की दीवार पर बुलडोजर चला दिया गया था. रिसॉर्ट की जिस दीवार को तोड़ा गया, उसे लेकर सिंचाई विभाग ने पहले ही सांसद आजम खान को नोटिस जारी कर दिया था. यह रिसॉर्ट उनके बेटे अब्दुल्ला के नाम पर था.
सिंचाई विभाग ने आरोप लगाया था कि रिसॉर्ट की यह दीवार सिंचाई विभाग की जमीन पर बना है. आजम खान को नोटिस देने के बाद भी इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया, इसीलिए यह कदम उठाना पड़ा.