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निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद भी बने मंत्री, हैं विधान परिषद के सदस्य

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद होम्योपैथिक क्लिनिक चलाते थे. संजय निषाद सीएम योगी के इस्तीफे से रिक्त हुई गोरखपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में प्रवीण निषाद की जीत से चर्चा में आए थे.

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संजय निषाद (फाइल फोटो)
संजय निषाद (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2021 में एमएलसी चुने गए संजय निषाद
  • गोरखपुर में हुआ था संजय निषाद का जन्म

यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लगातार दूसरी बार सरकार बना ली है. योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. सीएम योगी के साथ 52 मंत्रियों ने शपथ ली जिनमें बीजेपी के साथ सहयोगी दलों के नेता भी शामिल हैं. निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद को भी योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है.

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डॉक्टर संजय निषाद का जन्म 7 जून 1965 को गोरखपुर में हुआ था. निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद उच्च सदन के सदस्य हैं यानी वे विधान परिषद के सदस्य हैं. संजय निषाद 2021 में एमएलसी चुने गए थे. डॉक्टर संजय निषाद को छह साल पहले तक निषाद समुदाय और इनके लिए काम करने वाले कुछ लोगों के अलावा शायद ही कोई जानता हो.

डॉक्टर संजय निषाद, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद संसद की सदस्यता से इस्तीफे के कारण रिक्त हुई गोरखपुर सीट पर निषाद पार्टी के उम्मीदवार की जीत से चर्चा में आए थे. बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली गोरखपुर संसदीय सीट से उपचुनाव में संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद विजयी रहे थे. तब निषाद पार्टी का विपक्षी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन था. भगवा गढ़ में प्रवीण ने जीत का परचम लहराया तो डॉक्टर संजय निषाद अचानक चर्चा में आ गए.

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2013 में बनाई थी पार्टी

डॉक्टर संजय निषाद पहले संजय निषाद इलेक्ट्रो होम्योपैथिक क्लिनिक चलाते थे. डॉक्टर संजय निषाद ने साल 2013 में निषाद पार्टी नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई थी. इससे पहले 2002 में संजय निषाद ने पूर्वांचल मेडिकल इलेक्ट्रो होम्योपैथिक एसोसिएशन भी बनाया था. संजय निषाद कैंपियरगंज विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे और तब उनको मात मिली थी.

डॉक्टर संजय निषाद ने राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद बनाई. डॉक्टर संजय निषाद ने इसके बाद मछुआ समुदाय की 553 जातियों को एक मंच पर लाने की मुहिम शुरू की और इसी से उन्हें प्रसिद्धि भी मिली. डॉक्टर संजय निषाद ने 7 जून 2015 को गोरखपुर के सहजनवा में निषाद जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था.

 

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