शाहजहांपुर केस में गिरफ्तार किए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से सफाई आई है. बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का दावा है कि चिन्मयानंद बीजेपी के सदस्य नहीं हैं, उन्होंने अपनी सदस्यता को रिन्यू नहीं कराया था. उनके मोबाइल नंबर से मिस कॉल आने का भी हमारे पास डेटा नहीं है.
बीजेपी के पूर्व सांसद और लॉ की एक छात्रा के साथ यौन शोषण के आरोप के बाद विवाद में आए स्वामी चिन्मयानंद से बीजेपी ने अपना हाथ झटक लिया है, बीजेपी प्रवक्ताओं ने खुलकर कहा कि चिन्मयानंद बीजेपी के सदस्य नहीं है और पार्टी से उनका किसी तरह का कोई संबंध नहीं है.
यौन शोषण मामले में गिरफ्तार
स्वामी चिन्मयानंद इन दिनों यौन शोषण मामले में गिरफ्तार है, लेकिन पीजीआई में अपना इलाज करा रहे हैं. जब से चिन्मयानंद की गिरफ्तारी हुई है बीजेपी ने धीरे-धीरे उनसे पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है और उसके लिए बकायदा तर्क भी दिए जा रहे हैं.
बीजेपी प्रवक्ता हरीश श्रीवास्तव चिन्मयानंद की सदस्यता के बारे में कहते हैं कि देखिए स्वामी चिन्मयानंद भारतीय जनता पार्टी के सांसद रहे हैं, लेकिन पार्टी का अपना एक सिस्टम है, जिसमें हर तीन साल बाद लोगों को प्राथमिक सदस्य बनना पड़ता है. सक्रिय सदस्य बनने के लिए 250 से 300 सदस्य बनाना पड़ता है.
उन्होंने आगे कहा कि इसका अपना एक सिस्टम है, जो इसको फॉलो नहीं करता है वो सदस्य नहीं रह जाता. अब वो भारतीय जनता पार्टी के वर्तमाने में सदस्य नहीं हैं. जब वो पार्टी में हों तब उन्हें निकाला जाए, लेकिन वो सदस्य ही नहीं है तो निकाला क्या जाए.
चिन्मयानंद का बीजेपी से संबंध नहींः प्रवक्ता
एक तरह से बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वो स्वतः ही पार्टी की सदस्यता से बाहर हो गए हैं. नई सदस्यता के दौरान न तो उन्होंने मिस्ड कॉल देकर सदस्यता ग्रहण की है और ना ही अपने साथ सदस्य बनाने की दूसरी औपचारिकताएं पूरी की है. उनका कोई रिकॉर्ड भी इस वक्त नए सदस्यता में बीजेपी के पास नहीं है. ऐसे में वह बीजेपी के सदस्य नहीं है इसलिए पार्टी से बाहर करने का कोई सवाल ही नहीं है.
पार्टी के दूसरे प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है और जिस तरह के गंभीर आरोप उन पर लगाए गए हैं, उन आरोपों के बाद बीजेपी किसी को बचाती भी नहीं है. योगी सरकार में कानून अपना काम करता है और कानून अपना काम कर रहा है.