Shri Ram Janmbhoomi Corridor: अयोध्या में भी काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर श्रीराम जन्मभूमि का विकास किया जाएगा. यहां भी अब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर कॉरिडोर बनाया जाएगा. इसके लिए राममंदिर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क को चौड़ा किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग गई है.
योजना के तहत अयोध्या में सहादतगंज से नयाघाट तक 12.94 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा. इसके लिए 797.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
सुग्रीव किला, हनुमानगढ़ी से होकर गुजरेगा कॉरिडोर
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि सहादतगंज से नयाघाट मार्ग सुग्रीव किला होते हुए श्रीरामजन्मभूमि स्थल तक चार लेन की सड़क बनाई जाएगी. यह प्रस्ताव काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर है. इसके तहत दुकानदारों, कब्जेदारों को पुनर्विस्थापित किया जाएगा.
इसके अलावा अयोध्या जिले में फैजाबाद मुख्य मार्ग से हनुमानगढ़ी होते हुए श्रीरामजन्मभूमि स्थल तक के मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा. इस योजना में सीवर व्यवस्था, पावर केबल व्यवस्था सहित अन्य यूटिलिटी शामिल हैं. इस कार्य को दो साल में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है.
जल्द पूरा हो जाएगा चबूतरे का निर्माण
जून से राममंदिर की पहली मंजिल का निर्माण शुरू हो गया है. पहली मंजिल पर ही गर्भगृह का निर्माण होना है. अभी इसकी चौथी लेयर का निर्माण चल रहा है. गर्भगृह के परिक्रमा क्षेत्र का निर्माण पूरा होने के बाद गर्भगृह की कोठरी का निर्माण शुरू होगा.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षत्र के ट्रस्ट के अनिल मिश्र ने कहा था कि राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण के लिए चबूतरा तैयार करने का कार्य चल रहा है. लगभग 21 फुट ऊंचा यह चबूतरा ग्रेनाइट पत्थरों से तैयार किया जा रहा है जिसमें 17000 पत्थर लगाए जाएंगे. इसमें से करीब 5000 पत्थर अब तक लगाए जा चुके हैं.
अनिल मिश्र ने बताया कि अगस्त के अंत तक प्लिंथ के 350 गुणे 250 क्षेत्र पर ग्रेनाइट पत्थरों को लगाने का काम पूरा हो जाएगा. उसके पूरे बेस पर मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा. उन्होंने बताया कि चबूतरे के निर्माण के लिए गर्भगृह स्थल के आसपास के क्षेत्र में 30 मई तक 21 फुट ऊंचा चबूतरा बनाए जाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
2023 तक पूरा हो जाएगा प्रथम तल का निर्माण
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम तल का निर्माण कार्य 2023 तक पूरा हो जाएगा. अक्टूबर से दिसंबर 2023 के बीच अस्थायी मंदिर से रामलला को भव्य और दिव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
इसी के साथ अयोध्या का बहु प्रतीक्षित श्रीराम मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा. मंदिर की दो अन्य मंजिल का निर्माण कार्य चलता रहेगा. मंदिर निर्माण का कार्य योजना के मुताबिक चलता रहा तो साल 2025 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा.