वाराणसी के श्रृंगार गौरी केस में वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई हुई. कमीशन की कार्यवाही को लेकर उपजे विवाद के बीच ज्ञानवापी मस्जिद की ओर से प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को हटाने की मांग करते हुए दाखिल याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में सुनवाई हुई.
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को हटाने की मांग कोर्ट में की गई. वहीं, दूसरी तरफ, वादी श्रृंगार गौरी पक्ष के वकील कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे और वीडियोग्राफी की कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी को आदेश देने की मांग की. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई एक दिन के लिए टाल दी.
ये भी पढ़ें- माता श्रृंगार गौरी और उनकी पूजा का क्या है महत्व, कैसे शुरू हुआ काशी में विवाद ?
अब इस मामले पर 11 मई को सुनवाई होगी. एडवोकेट कमिश्नर बदलेंगे या नहीं, इसे लेकर कोर्ट 11 मई को अपना फैसला सुना सकता है. दूसरी तरफ, ज्ञानवापी मस्जिद से ही जुड़े एक अन्य मामले में भी आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी. काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में वकीलों की हड़ताल के कारण 10 मई को सुनवाई नहीं हो सकी. इस मामले में अगली सुनवाई अब 16 मई को होगी.
मस्जिद की इंतजामिया कमेटी और वक्फ बोर्ड ने वाराणसी जिला न्यायालय के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसमें कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद का एएसआई से सर्वे कराने का आदेश दिया था. इस मामले में 10 मई को सुनवाई होनी थी लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण ऐसा नहीं हो सका. जस्टिस प्रकाश पांडेय की एकल पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही है.
मथुरा मामले में नहीं हो सकी सुनवाई
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में वादी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और केशव देव बनाम शाही मस्जिद ईदगाह केस में भी मथुरा के सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में सुनवाई होनी थी. एक वकील के निधन के बाद मथुरा बार एसोसिएशन ने विधिक कार्य से विरत रहने का ऐलान कर दिया जिसकी वजह से इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी. अब इस मामले में अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी. इस संबंध में वादी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि उन्होंने श्रीकृष्ण स्थान के कटरा केशव देव की 13.37 एकड़ भूमि के मालिकाना हक को लेकर वाद दायर किया था. इसी मामले में उन्होंने कल एक प्रार्थना पत्र देकर स्थलीय निरीक्षण और सर्वे की मांग भी थी.
ताजमहल मामले में 12 को होगी सुनवाई
ताजमहल के बंद 22 कमरे खोले जाने, वीडियोग्राफी कराए जाने और कमेटी बनाकर हिंदू देवताओं से संबंधित साक्ष्यों की जांच करने के लिए दायर की गई याचिका पर भी 10 मई को सुनवाई नहीं हो सकी. इस मामले में अगली सुनवाई अब 12 मई को होगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. गौरतलब है कि अयोध्या के बीजेपी नेता रजनीश सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ये याचिका दायर की है.