उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के नव-निर्वाचित सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. अतुल राय ने बालात्कार के मामले गिरफ्तारी से सरंक्षण की मांग करते हुए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी जिस पर कोर्ट ने एक बार फिर सुनवाई से इनकार कर दिया है. बता दें कि अतुल राय पर वाराणसी की एक छात्रा के बलात्कार का आरोप है.
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि वह अतुल राय को गिरफ्तारी से राहत देने वाली याचिका पर सुनवाई करने के पक्ष में नहीं हैं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अतुल राय के वकील से पूछा कि इनके खिलाफ कितने केस हैं? जवाब में वकील ने बताया कि रेप केस समेत 16 केस हैं. इस पर सीजेआई ने कहा कि हम दखल नहीं देंगे.
Supreme Court dismisses the petition filed by Atul Rai, a winning SP-BSP candidate from Uttar Pradesh's Ghoshi constituency seeking protection from arrest, in connection with many cases, including that of rape and kidnapping. pic.twitter.com/1XlHn4deWu
— ANI (@ANI) May 27, 2019
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट अतुल राय को गिरफ्तारी से अंतरिम छूट देने से इनकार कर चुकी है. अतुल राय के वकील का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अग्रिम जमानत का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से छूट का अनुरोध करने वाली अतुल राय की याचिका आठ मई को ठुकरा दी थी.
गौरतलब है कि कॉलेज की छात्रा की शिकायत पर एक मई को अतुल राय के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ था. छात्रा ने आरोप लगाया है कि अतुल राय अपनी पत्नी से मिलवाने की बात कह कर उसे घर ले गए और वहां उसका यौन उत्पीड़न किया.
अतुल राय ने लोकसभा चुनावों में अपने निकटतम भारतीय जनता पार्टी प्रतिद्वंद्वी हरि नारायण राजभर को 1,22,018 मतों से हराकर घोसी सीट से चुनाव जीता है.