यूपी के महराजगंज जिले में साल 2019 में फर्जी पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार युगांडा के नागरिक सेबन्याबेन को अब रिहाई मिल गई है. सेबन्याबेन फर्जी पासपोर्ट बनवाकर भारत से नेपाल जाने के प्रयास में गिरफ्तार हुआ था. सेबन्याबेन की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण महराजगंज सीजेएम कोर्ट ने तीन हजार रुपये के अर्थदंड और अब तक जेल में बिताए समय को सजा मानते हुए उसे रिहा कर दिया है.
सेबन्याबेन के परिवारीजनों और युगांडा एंबेंसी को सूचना देने के बाद भी किसी द्वारा उससे संपर्क न करने के बाद उसने जेल में कमाए खुद के ही 3725 रुपयाें में से 3000 रुपये का अर्थदंड जमा कर दिया है. इसके बाद उसे शुक्रवार के दिन जेल प्रशासन ने रिहा कर दिया.
मामला 14 नवंबर 2018 का है जब युगांडा के कसूबीव्यू अकेरेरेवान डेंग्या निवासी सेबन्याबेन, नेपाल जाने के लिए सोनौली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचा था. वहां आव्रजन कार्यालय पर हुई जांच में उसका पासपोर्ट फर्जी पाया गया.
पकड़े जाने के बाद सोनौली आव्रजन कार्यालय के सहायक केंद्रीय आसूचना अधिकारी धर्मेंद्र तोमर ने सेबन्याबेन के खिलाफ सोनौली थाने में धोखाधड़ी और 14 विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया था. पुलिस ने आरोपों की पुष्टि करते हुए 30 जनवरी को सीजेएम कोर्ट महराजगंज में अपनी चार्जसीट सौंप दी और सेबन्याबेन को जिला कारागार महराजगंज में भेज दिया गया.
वहां उसकी मानसिक स्थिति ठीक नही थी. इस स्थिति में जेल प्रशासन ने सेबन्याबेन का दो बार मानसिक चिकित्सालय वाराणसी में इलाज भी करवाया और जेल के अंदर अच्छे कैदियों के बीच रखकर उसकी देखरेख करवाई. जिसका नतीजा यह रहा कि वह पूरी तरह ठीक हो गया
जेल प्रशासन ने सेबन्याबेन को पुलिस अभिरक्षा में छोड़ा है. पुलिस अब उसे युगांडा एम्बेसी को सुपुर्द करेगी. सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो सेबन्याबेन जल्द अपने वतन वापस लौट जाएगा.