उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए हादसे में साजिश की बू नजर आ रही है. जिस ट्रक से रायबरेली में पीड़िता की कार को टक्कर मारी गई है. उस ट्रक के नंबर प्लेट पर ग्रीस पुती हुई थी. इस वजह से ट्रक के नंबर को पढ़ा नहीं जा सकता है. इस हादसे में रेप पीड़ित लखनऊ के केजीएमयू में ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है. हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी ने दम तोड़ दिया है. वहीं केस के वकील की हालत भी बेहद नाजुक है.
रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता अपने परिवार और वकील के साथ जेल में बंद चाचा से मिलने रायबरेली जा रही थी. इस दौरान बारिश के बीच रास्ते में एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मारी. बताया जा रहा है कि ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था, और भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए.
Unnao rape victim road accident case: Rajiv Krishnan, ADG Lucknow Zone, says, "the truck has been seized, the driver has also been nabbed. But no FIR has been filed yet, I've requested them (victim's relatives) to quickly lodge an FIR." https://t.co/7TIKC0YWkJ
— ANI UP (@ANINewsUP) July 28, 2019
सबसे चौंकाने वाली बात ट्रक के नंबर प्लेट की है. रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीस पोतकर नंबर छिपाने की कोशिश की गई थी. पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. नंबर प्लेट पर ग्रीस क्यों पोती गई इसकी जांच चल रही है. पुलिस का कहना है कि अक्सर आरटीओ से बचने के चक्कर में ओवरलोड ट्रक वाले नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करते हैं. लेकिन यहां एक और इत्तेफाक ये है कि ये ट्रक पूरी तरह से खाली थी. ऐसे में नंबर प्लेट पर लगी ग्रीस कई शक पैदा करती है.
बता दें कि पिछले साल हाईकोर्ट के दखल के बाद पीड़िता को प्रशासन की ओर से सुरक्षा मुहैया कराई गई थी. लेकिन जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त पीड़िता के साथ कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था, पुलिस यहां भी जांच की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है.
कार में मौजूद सभी लोग इस केस में सीबीआई के गवाह थे. हादसे में 2 गवाह ने दम तोड़ दिया. वहीं मुख्य गवाह यानी पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. पीड़िता के पिता की पहले ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है.
लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्णन ने कहा है कि ट्रक के नंबर प्लेट पर मौजूद ग्रीस के बारे में उन्होंने जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि इस मामले की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. यूपी पुलिस का कहना है रेप पीड़िता के साथ पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए मौजूद रहते हैं. घटना के दिन सुरक्षाकर्मी साथ क्यों नहीं थे, उन्नाव एसपी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं. हालांकि प्रथम दृष्टया पता चला है कि घटना के दिन इन्होंने खुद ही सुरक्षाकर्मियों को लेने से मना कर दिया था.
रेप पीड़िता की मां ने इस घटना में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप लगाया है. पीड़िता की मां ने कहा, "विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने करवाया है, वो अंदर है लेकिन उसके गुर्गे अंदर नहीं हैं, इसके पास अंदर फोन भी है, बैठे-बैठे सारा काम करा रहे हैं."
रेप पीड़िता के परिजनों के आरोप पर जब एडीजी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इस मामले में पीड़िता के परिवारजनों से बात करके ही इस बारे में कोई जानकारी देंगे.