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अखिलेश होंगे साइकिल पर सवार तो रामलला के दरबार में योगी, यूपी में सियासी एजेंडा तय करने की कवायद

सपा प्रमुख अखिलेश यादव पांच अगस्त को जनेश्वर मिश्र के जन्मदिन पर लखनऊ में साइकिल चलाकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ सियासी समीकरण साधेंगे. वहीं, राम मंदिर के भूमि पूजन के एक साल पूरे होने पर 5 अगस्त को सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या में रामलला का दर्शन कर सियासी एजेंडे को धार देंगे. 

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अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ
अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अखिलेश यादव लखनऊ में चलाएंगे साइकिल
  • CM योगी अयोध्या में रामलला का दर्शन करेंगे
  • जनेश्वर मिश्र के बहाने ब्राह्मणों को साधेगी सपा

उत्तर प्रदेश में मिशन-2022 की तैयारी में सभी राजनीतिक पार्टियां जुट गई है. ऐसे में गुरुवार को सूबे की सियासत में काफी तपिश भरा रहने वाला है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव पांच अगस्त को जनेश्वर मिश्र के जन्मदिन पर लखनऊ में साइकिल चलाकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ सियासी समीकरण साधेंगे. वहीं, राम मंदिर के भूमि पूजन के एक साल पूरे होने पर 5 अगस्त को सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या में रामलला का दर्शन कर सियासी एजेंडे को धार देंगे. 

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सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन किया था, जिसके बाद से तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है. गुरुवार को राम मंदिर के भूमि पूजन का एक साल पूरा हो रहा है. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचकर रामलला का दर्शन और पूजन करेंगे. सीएम योगी करीब 3 घंटे अयोध्या में रहेंगे. इस दौरान रामलला के दरबार में आयोजित होने वाले विशेष अनुष्ठान में भी शामिल होंगे. 

भूमि पूजन के एक साल पूरे होने पर हो रहे इस कार्यक्रम में कई प्रमुख संत-महंत भी शामिल होंगे. सीएम इस दौरान राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी लेंगे. इसके बाद वे अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को अनाज वितरित करेंगे. बीजेपी राम मंदिर को अपनी एख बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है. 2022 के चुनाव में बीजेपी राममंदिर को सियासी तौर पर भुनाने की कवायद में है. 

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वहीं, समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने खोए हुए सियासी जनाधार को वापस पाने के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी है. ऐसे में जनेश्वर मिश्र के जन्मदिवस पर पांच अगस्त को सपा साइकिल यात्रा निकालेगी. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में साइकिल चलाकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे. साइकिल यात्रा के जरिए अखिलेश एक तीर से कई निशाने साधेंगे. 

सपा साइकिल यात्रा के जरिए अखिलेश यादव की एक ओर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर आमजनों को पार्टी से जोड़ने की कोशिश होगी. वहीं जनेश्वर मिश्र के जन्मदिन के बहाने ब्राह्मण मतदाताओं को भी साधने की तैयारी है. ब्राह्मणों को अपने पाले में लाने के लिए सपा गुरुवार को बलिया में प्रबुद्ध सम्मेलन भी करने जा रही है, इसे बसपा के ब्राह्मण सम्मेलन के काट के तौर पर देखा जा रहा है. 

ब्राह्मण समाज को साधने के साथ-साथ सपा को अपने पारंपरागत मुस्लिम मतदाताओं के खिसकने की भी चिंता सता रही है. इसलिए सपा ने साइकिल यात्रा में अन्य मुद्दों के साथ ही अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां का भी मुद्दा शामिल किया है. अखिलेश ने कहा कि आजम खां को फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल में रखना गलत है और उनके रिहाई की लड़ाई सपा मजबूती के साथ लड़ेगी. 

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समाजवादी पार्टी गुरुवार को प्रदेश के सभी तहसील में साइकिल यात्रा निकालेगी, जिसके लिए सभा ने अपने दिग्गज नेताओं और पूर्व मंत्रियों को अलग-अलग जिले में कमान सौंप दी है. सपा के वरिष्ठ नेता झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को रवाना करेंगे. सपा की यह साइकिल यात्रा पांच से 10 किलोमीटर चलेगी. अखिलेश यादव लखनऊ में साइकिल यात्रा कर भाजपा की डबल इंजन सरकार को घेरेंगे. 

सपा ने ऐलान किया है कि यह साइकिल यात्रा सूबे में बड़े अपराध और भ्रष्टाचार, बेलगाम महंगाई, किसानों पर कृषि कानूनों की मार, बेरोजगारी से बेहाल नौजवान, महिला उत्पीड़न, आरक्षण, जिला पंचायत में धांधली के कारण लोकतंत्र पर खतरा और चौपट स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण कोरोना से हुई मौतें आदि मुद्दों को लेकर हो रही है. संसद सत्र बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साइकिल यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया.

अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में आज व्यापक अव्यवस्था के चलते लोग तरह परेशान हैं. आवश्यक खाद्य पदार्थों के दाम दो से तीन गुना बढ़ गए हैं. पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं. भाजपा सरकार केवल वादों का हवाई महल बना रही है. यह जनता के साथ विश्वासघात है. ऐसे में सपा सड़क पर उतरकर सरकार के जनविरोधी नीतियों का विरोध करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि आजम खान को फर्जी मुकदमों में फंसाकर रखना गलत है, जिसका विरोध सपा शुरू से कर रही है. 

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