यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एनकाउंटर उनके सरकार की कोई नीति नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस ऐसा स्वाभाविक तौर पर कर रही है.
अपने बयानों के लिए चर्चित रहने वाले योगी आदित्यनाथ अपने एक साल के सीएम कार्यकाल में काफी संभल कर बोलते देखे गए हैं. प्रदेश में उन्नाव जैसे कानून-व्यवस्था के मसले को लेकर हंगामा मचा हुआ है और एनकाउंटर पर सवाल उठ रहे हैं. इंडिया टुडे के ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा, इंडिया टुडे हिंदी के संपादक अंशुमान तिवारी और लखनऊ के संवाददाता आशीष मिश्र से सीएम योगी ने तमाम मसलों पर बातचीत की.
इंडिया टुडे ने जब यह सवाल किया कि वे प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार की बात कर रहे हैं, लेकिन राज्य पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे हैं, तो इस पर सीएम योगी ने कहा, 'एनकाउंटर हमारे सरकार की कोई नीति नहीं है. सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है. अपराधी यदि किसी पुलिस कर्मी पर गोली चलाएगा तो पुलिस जवाब में गोली चला सकती है. प्रदेश में कोई भी एनकाउंटर फर्जी नहीं है.
गौरतलब है कि इसके पहले भी आजतक के कार्यक्रम सीधी बात में योगी आदित्यनाथ ने कहा था 'उत्तर प्रदेश में मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है. हम तो मानवाधिकारों के पक्षधर हैं.'
इस कार्यक्रम में भी एनकाउंटर पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि यूपी में एक भी फेक एनकाउंटर नहीं हुआ है. साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं इस बात की गारंटी देता हूं की उत्तर प्रदेश में हर व्यक्ति को सुरक्षा दी जाएगी. उत्तर प्रदेश के अंदर अपराधियों में पुलिस का भय होना चाहिए. एंटी सोशल और एंटी नेशनल एलिमेंट जो हैं उनको कानून का भय होना चाहिए और आज उत्तर प्रदेश में उसका परिणाम दिखाई दे रहा है.'
एनकाउंटर्स पर गंभीर सवाल
आलोचकों का आरोप है कि इनाम और प्रमोशन के लालच में पुलिसवालों में भगोड़ों को मार गिराने के लिए होड़ लगी हुई है. इसे आलोचक ‘एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग्स’ का नाम देते हैं.