उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बदायूं जिले के श्रम प्रवर्तन अधिकारी (लेबर अफसर) आर.पी. यादव को बाल श्रम निषेध कानून का पालन न कराए जाने तथा अपने दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
गौरतलब है कि बीएसपी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लिए हैलिपेड तैयार करने में बाल मजदूरों का इस्तेमाल हुआ था और आज तक ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया था. आज तक की खबर पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह कदम उठाया है.
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि निलंबित श्रम प्रवर्तन अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और कानपुर मुख्यालय में श्रम उपायुक्त एस.डी. शुक्ला को जांच अधिकारी नामित किया गया है.