उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पॉलीटेक्निक के छात्रों की भाषा पर पकड़ मजबूत कराने की तैयारी में है. योगी सरकार ने सूबे के दस जिलों के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लैंग्वेज लैब खोलने के लिए 175 लाख रुपये की मंजूरी दी है.
मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से किए गए ट्वीट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 10 जिलों में स्थापित पॉलीटेक्निक संस्थानों में 'लैंग्वेज लैब' की स्थापना के लिए 175 लाख रुपये की मंजूरी दी है. इनमें राजकीय पॉलीटेक्निक इटावा, संजय गांधी पॉलीटेक्निक अमेठी, सावित्रीबाई फुले राजकीय पॉलीटेक्निक, आजमगढ़ कानपुर देहात, कौशाम्बी, श्रावस्ती, शामली, कुशीनगर, संतकबीरनगर और कासगंज में स्थापित एमएमआईटी शामिल हैं.
युवाओं को उच्च गुणवत्तापरक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने प्रदेश के 10 जनपदों में स्थापित पॉलीटेक्निक संस्थानों में 'लैंग्वेज लैब' की स्थापना के लिए धनराशि ₹175 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।@spgoyal @sanjaychapps1 @74_alok pic.twitter.com/YS1ZeOznKt
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) November 7, 2020
बताया जा रहा है कि लैब का सर्वाधिक लाभ छात्राओं को नौकरी में मिलेगा. अक्सर कम्युनिकेशन स्किल मजबूत न होने के चलते विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की कमी देखी जाती है. ऐसे में इस लैब से विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा. लैंग्वेज लैब में छात्र भाषा पर अपनी पकड़ आसानी से मजबूत बना सकेंगे.