उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ मिशन क्लीन पर निकल पड़े हैं. स्वच्छता में पिछड़ने के बाद मुख्यमंत्री ने सफाई का बीड़ा अब खुद ही उठा लिया है. वह शनिवार सुबह झाड़ू लेकर लखनऊ की सड़क पर उतर आए.
मुख्यमंत्री का मकसद यहां लोगों के बीच साफ-सफाई को लेकर जागरूकता फैलाने और यूपी को स्वच्छता के मामले में अव्वल लाने का है. इसी के तहत योगी लखनऊ के राममोहन बाग में खुद झाड़ू उठाकर सफाई में जुट गए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक पब्लिक शौचालय में जाकर वहां मौजूद सफाई कर्मचारियों से भी बात की. गंदगी के लिए यहां के मेयर को भी सीएम ने फटकार लगाई.
दरअसल देश भर विभिन्न शहरों में हुई स्वच्छता सर्वेक्षण में यूपी का हाल काफी बुरा दिखा. देश के सौ स्वच्छ शहरों में यूपी से केवल बनारस का ही नाम है. पंचायत आजतक में सीएम योगी से जब इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने खुद मिशन क्लीन में जुटने का ऐलान किया. आजतक के इस विशेष कार्यक्रम में उन्होंने कहा, हमने इसको लेकर कार्य योजना तैयार की है. यूपी को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए योजना तैयार की है. उन मलिन क्षेत्रों में जाएंगे और सफाई को आंदोलन बनाया जाएगा. स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाएंगे.'
योगी आदित्यनाथ ने इसके साथ ही ऐलान किया कि 2 अक्टूबर 2018 तक यूपी के सभी जनपद खुले में शौच से मुक्त होंगे और जब स्वच्छता की अगली लिस्ट आएगी तो 100 में से 50 शहर यूपी के होंगे. इसके लिए सरकार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर प्लान बना रही है, ताकि कूड़े का निस्तारण हो और उससे कंपोस्ट बनाकर एनर्जी पैदा कर सकें.