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Covid Guidelines in UP: नाइट कर्फ्यू से लेकर स्कूलों में छुट्टी तक, जानिए यूपी में क्या-क्या होंगे प्रतिबंध

अब बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गई है. सरकार ने नाइट कर्फ्यू से लेकर स्कूल बंद तक कई अहम फैसले ले लिए हैं.

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यूपी में नाइट कर्फ्यू से लेकर स्कूल बंदी तक
यूपी में नाइट कर्फ्यू से लेकर स्कूल बंदी तक
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नाइट कर्फ्यू से लेकर स्कूल बंदी तक, यूपी में नई गाइडलाइन
  • यूपी में आज कोरोना के 992 नए मामले आए सामने

यूपी में कोरोना के मामले तेज गति से बढ़ने लगे हैं. पिछले 24 घंटे में राज्य में कोरोना के 992 नए मरीज सामने आ गए हैं. कई दिनों बाद यूपी में संक्रमित मरीजों के आंकड़े में इतना बड़ा उछाल देखने को मिला है. अब बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गई है. सरकार ने नाइट कर्फ्यू से लेकर स्कूल बंद तक कई अहम फैसले ले लिए हैं. वो फैसले कुछ इस प्रकार हैं-

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- रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहने वाला है. यह व्यवस्था 6 जनवरी से लागू कर दी जाएगी.

- कक्षा 10 वीं तक के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में मकर संक्रांति तक अवकाश घोषित किया जाए. इस अवधि में उनका टीकाकरण जारी रहेगा.

- जिन जनपदों में एक्टिव केस की न्यूनतम संख्या 1000 से अधिक हो जाए, वहां जिम, स्पा, सिनेमाहॉल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट आदि सार्वजनिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किया जाए.

- प्रदेश के सभी शासकीय, अर्धशासकीय, निजी, ट्रस्ट आदि संस्थाओं, कंपनियों, ऐतिहासिक स्मारक, कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, होटल-रेस्त्रां, औद्योगिक इकाइयों में तत्काल प्रभाव से कोविड हेल्प डेस्क क्रियाशील करा दिया जाए.

- शादी समारोह व अन्य आयोजनों में बंद स्थानों में एक समय में 100 से अधिक लोगों की सहभागिता न हो. खुले स्थान पर ग्राउंड की कुल क्षमता के 50 फीसदी से अधिक लोगों के उपस्थिति की अनुमति न दी जाए. 

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- निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए. गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डो में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें. घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिन्हित किया जाए. उनकी सूची जिला प्रशासन को दी जाए.

- टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए हर दिन न्यूनतम तीन से चार लाख टेस्ट किए जाएं. निजी प्रयोगशालाओं को कोविड टेस्टिंग के लिए अधिकृत करने से पूर्व उनके पिछले रिकॉर्ड देखे जाएं. क्वालिटी टेस्टिंग अनिवार्य है.

- प्रदेश के सभी जनपदों में स्थापित किए गए इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को 24×7 एक्टिव रखा जाए. पूर्व की भांति वहां नियमित बैठकें आयोजित की जाएं. आइसीसीसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल मौजूद रहे.

- आस्था के अप्रतिम प्रतीक 'प्रयागराज माघ मेला' में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 48 घंटे पूर्व की कोविड आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता लागू की जाए. कल्पवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए.

अब इन गाइडलाइन के अलावा राज्य सरकार तरफ से टीकाकरण और दूसरे आकंड़े भी जारी किए गए हैं. बताया गया है कि 20 करोड़ 50 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 36 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण के मामले में सबसे आगे हैं. यहां 07 करोड़ 53 लाख से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है. 12 करोड़ 97 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है. इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में लगभग 88 फीसदी को पहली और 51 फीसदी को दोनों डोज मिल चुकी है. 

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3 जनवरी से प्रारंभ हुए 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के कोविड टीकाकरण में अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है. 

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