उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा शनिवार को काशी विश्वनाथ में दर्शन करने के बाद वाराणसी से बुलानाला पहुंचे. यहां उन्होंने एक पार्टी कार्यकर्ता के घर जाकर उससे मुलाकात की. इस दौरान जब शर्मा से पूछा गया कि वायरल बुखार या डेंगू से बच्चों मौत के बाद क्या स्कूल बंद किए जाएंगे, इस पर उन्होंने कहा, बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. अगर ऐसी किसी तरह की जरूरत समझ में आएगी तो तत्कालीन व्यवस्था को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा.
दिनेश शर्मा ने कहा, एक भी मौत बहुत ही दुखद है. सरकार पूरी तरह सुरक्षा को देखते हुए बच्चों पर काम करेगी. वायरल से हो रही मौतों के सवाल पर उन्होंने कहा, हमारी सरकार संचारी रोग और मौसमी रोगों के इलाज के लिए तत्परता से काम कर रही है. उन्होंने कहा, हमारे मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटनास्थल गए हैं.
जल्द बीमारी पर पाएंगे नियंत्रण
डिप्टी सीएम ने कहा, नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव समेत तमाम IAS लेवल के अधिकारी भी चार-पांच दिनों से सभी जिलों में नियंत्रण के सारे सार्वजनिक उपाय करेंगे. कोरोना के लिए आरक्षित बेड में लगे ऑक्सीजन, वेंटीलेटर के अलावा जो भी आधुनिक दवा है उनका भी इस्तेमाल किया जा रहा है. हमें पूरा विश्वास है, इससे बीमारी नियंत्रण में आएगी.
प्रियंका गांधी पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा, ऐसे लोग बार बार अपनी हार से सबक नहीं ले रहे हैं. घर बैठकर ट्वीट करना और वास्तव में स्थानों पर पहुंचकर व्यवस्था करना दोनों अलग अलग हैं. अगर किसी को सीखना है कि स्थल पर जाकर व्यवस्था कैसे की जाए, तो हमारे सीएम और सरकार से सीखना चाहिए.
अखिलेश यादव के बयान कि लोग बाढ़ से मर रहे हैं और यहां सरकार प्रचार करने में लगी है, के जवाब में दिनेश शर्मा ने कहा कि यह इन लोगों की हताशा है क्योंकि वह विकास कार्यों के बारे में कुछ कह नहीं सकते हैं. विपक्षी नेताओं को आरोप लगाने का कोई विकल्प नहीं बचा है. इसलिए मैं समझता हूं कि विपक्ष में हताशा है.
आज तक के रिएलिटी चेक पर कहा- जल्द ही नियंत्रण करेंगे
आजतक के अलग-अलग जिलों में आक्सीजन प्लांट की रियलिटी चेक में मिली गड़बड़ी पर दिनेश शर्मा ने कहा कि जहां भी ऐसी स्थिति होगी, उसपर जल्दी नियंत्रण कर लेंगे. उन्होंने बताया, पूरे प्रदेश में 555 आक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए गए है. इनमें से 350 से ज्यादा चालू हो गए हैं. सरकार ने जिस तरह से आक्सीजन, वेंटिलेटर, बेड्स और अस्पताल में चिकित्सा की व्यवस्था की है, WHO ने भी प्रशंसा की है. यह महत्वपूर्ण है. सरकार पूरी तरह से प्रयत्नशील है.