बदायूं में दो किशोरियों के गैंगरेप और हत्या कर पेड़ पर लटकाने के सनसनीखेज मामले में डीजीपी एएल बनर्जी ने शनिवार को एक नया खुलासा किया. घटना के 11 दिन बाद डीजीपी मीडिया के सामने आए और कहा कि एक्सपर्ट जांच में एक किशोरी के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है.
डीजीपी ने यह भी कहा कि मामले में एक किशोरी अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी. इसलिए संपत्ति हथियाने की वजह से भी हत्या किए जाने से इन्कार नहीं किया जा सकता है. उनका कहना था कि इस मामले में जो गिरफ्तार हुए हैं, वे निर्दोष भी हो सकते हैं. पुलिस इस मामले की तह तक पहुंच रही है.
उन्होंने कहा कि क्राइम की वजह कुछ और भी हो सकती है. संपत्ति हथियाने या फिर ऑनर किलिंग की भी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है. डीजीपी ने कहा कि इस मामले में सभी आरोपियों का नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाएगा. यह जांच बेंगलुरु में कराई जाएगी.
पुलिस महानिदेशक ने शनिवार को एनेक्सी में कहा कि बदायूं कांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी के फंदे से लटकाना पाया गया था, लेकिन जब इसकी एक्सपर्ट ने गहराई से जांच की तो मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई.
घटना स्थल के पास से पुलिस को बीयर की चार बोतलों के ढक्कन और दो गिलास के अलावा खून से सनी हुई रूई भी मिली है. ये सभी सुबूत उस पेड़ से 70 गज की दूरी पर मिले हैं. पुलिस इनकी गहराई से जांच कर रही है. 27 मई की जिस रात यह घटना हुई, उस दिन के इन लड़कियों के रिश्तेदारों सहित कई लोगों के फोन कॉल भी खंगाले जा रहे हैं. उस रात उन लोगों के बीच काफी अनावश्यक बातें भी हुई थीं. फिलहाल इनका खुलासा नहीं किया जा सकता है.
इस मौके पर उपस्थित मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बाद में कहा कि दरअसल अब यह मामला सीबीआई जांच के लिए प्रदेश सरकार की ओर से भेज दिया गया है. इसलिए इस मामले में और कुछ बताना अभी ठीक नहीं है.